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Chhattisgarh: महिला शक्ति के हाथों में है इस जिले की सुरक्षा की कमान, प्रमुख पदों पर कार्यरत हैं महिला अफसर

Updated: | Thu, 29 Oct 2020 01:14 PM (IST)

बिलासपुर। Chhattisgarh: देश के साथ ही में महिला सशक्तिकरण को लेकर नए-नए काम किए जा रहे हैं और महिलाओं के विकास की योजनाएं भी बनाई जा रही है। इन सबके बीच प्रदेश में जांजगीर-चांपा एक ऐसा जिला है जहां जिले की सुरक्षा व्यवस्था की तमात जिम्मेदारी सिर्फ 'महिला शक्ति" के हाथों में हैं। यहां एसपी से लेकर एडिशनल एसपी, डीएसपी व रक्षित निरीक्षक (आरआइ) के पद महिला अफसर कार्यरत हैं। हालाकि यह शासन की कोई योजना नहीं है। बल्कि, महज एक संयोग है। खास बात यह है कि सभी महिला अफसर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं।

रेंज के जांजगीर-चांपा जिले में सुरक्षा व कानून व्यवस्था की कमान महिला पुलिस अधिकारियों के हाथों में है। यहां, एसपी (आइपीएस) पास्र्ल माथुर पदस्थ हैं। वहीं, जिले में एडिशनल एसपी के रूप में मधुलिका सिंह काम कर रही हैं। इसी तरह चांपा एसडीओपी पद्म सिंह तंवर, जांजगीर एसडीओपी नंदेश्वरी नंद के साथ ही महिला सेल में डीएसपी माधुरी धिरही खान पदस्थ हैं। अपवाद के रूप में चंद्रपुर एसडीओपी के पद पर बीएस खुंटिया कार्यरत हैं। यही नहीं, जिला पुलिस के महत्वपूर्ण अंग रक्षित केंद्र में भी मंजूलता केरकेट्टा रक्षित निरीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

खास बात यह कि महिला अफसरों की नियुक्ति से विभिन्न अपराधिक मामलों में थानों तक पहुंच और न्याय के लिए लड़ाई लड़ने की दिशा में महिलाओं को हौसला मिल रहा है। उन्हें उम्मीद रहती है कि एक महिला दूसरी महिला की समस्याओं को ज्यादा अच्छे से समझेंगी। इसका फायदा भी यहां देखने को मिल रहा है। राजनीतिक व सामाजिक दृष्टिकोण से कानून व्यवस्था को लेकर यह जिला काफी संवेदनशील माना जाता है। बावजूद इसके महिला अधिकारी बिना किसी दबाव के अपना काम संचालित कर रही हैं।

पूर्व कलेक्टर व आइएएस अफसर के खिलाफ दर्ज किया अपराध

कुछ माह पहले जिले में बहुचर्चित दुष्कर्म का मामला सामने आया, जिसमें एक महिला ने पूर्व कलेक्टर व आइएएस जनक पाठक के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप लगाए। इस मामले में भी बिना अधिकारिक व राजनीतिक दबाव के महिला अफसरों ने आइएएस अफसर पाठक के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया।

कोरोना काल में भी नहीं हुई अव्यवस्था

कोरोना काल में लाक डाउन के दौरान पुलिस पर ज्यादा जिम्मेदारी थी। एसपी माथुर, एएसपी सिंह समेत सभी अधिकारी दफ्तर व मैदानी इलाकों में काम करते हुए आम लोगों को घर में रहने की नसीहत देती रहीं। इस दौरान कभी ऐसा नहीं लगा कि जिले में किसी तरह की अव्यवस्था हुई हो। सभी जिम्मेदारियां उन्होंने बखूबी निभाई है।

राजनीतिक व औद्योगिक रूप से भी महत्वपूर्ण है जांजगीर-चांपा

जिले में छह विधानसभा सीटें हैं। इसी जिले में विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत का गृह नगर भी है। वहीं पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल जांजगीर विधानसभा से विधायक हैं। जिले के जैजेपुर व पामगढ़ विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी के विधायक हैं। ऐसे में राजनीतिक व सामाजिक दृष्टिकोण से जिले को संवेदनशील माना जाता है। जांजगीर-चांपा अब प्रदेश का आद्योगिक हब भी बन गया है। जिले में प्रकाश इंडस्ट्रीज के साथ ही मड़वा पावर प्लांट, वर्धा, लाफार्ज सीमेंट फैक्टरी, डीबी पावर प्लांट,अमझर पावर प्लांट सहित कई औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। इस लिहाज से भी यह प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है।

दस हवलदार व 88 आरक्षक भी हैं महिलाएं

जिले में एक महिला निरीक्षक के साथ ही कार्यालय में दो उप निरीक्षक, एक सहायक उपनिरीक्षक व मैदानी इलाकों में दस हवलदार व 88 महिला आरक्षक तैनात हैं, जो हर समय कानून व्यवस्था संभालने के लिए ड्यूटी में तत्पर रहती हैं।

Posted By: Himanshu Sharma
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