चिटफंड घोटाला: जीएन गोल्ड का एक और डायरेक्टर पकड़ाया

Updated: | Wed, 01 Dec 2021 07:59 PM (IST)

बिलासपुर। प्रदेश में हजारों निवेशकों के करोड़ाें स्र्पये लेकर फरार होने वाली चिटफंड कंपनी जीएन गोल्ड के एक और डायरेक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी संपत्ति का पता लगाने पुलिस पूछताछ कर रही है। कंपनी के दो डायरेक्टर को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल दाखिल कर चुकी है। एसपी दीपक झा ने बताया कि राज्य शासन ने चिटफंड कंपनियों के फरार संचालकों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।

इस पर पुलिस की टीम बनाकर आरोपितों की तलाश की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस की एक टीम को जीएन गोल्ड के फरार आरोपित नरेंद्र सिंह को पकड़ने हरियाणा रवाना किया था। टीम ने हरियाणा के फतेहाबाद के टोहाना में डेरा डालकर आरोपित की तलाश शुरू कर दी। टोहाना के धमकोरा रोड में रहने वाले नरेंद्र सिंह की पहचान जीएन गोल्ड के फरार डायरेक्टर के रूप में की गई। इसके बाद दिल्ली में ठहरी पुलिस टीम को इसकी जानकारी दी। दोनों टीम ने आरोपित के घर में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।

जिले में सात मामले हैं दर्ज

जीएन गोल्ड के डायरेक्टर सतनाम सिंह रधावा, शैलेंद्र गोस्वामी, देवेश बजाज व अवधराम साहू व नरेंद्र सिंह और उसके साथियों के खिलाफ जिले पांच करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। जिले में आरोपित के खिलाफ तोरवा, बिल्हा, रतनपुर, तखतपुर, सरकंडा, मस्तूरी, कोटा और बिल्हा में सात मामले दर्ज हैं।

प्रदेश के छह जिलों की पुलिस को तलाश

जीएन गोल्ड के डायरेक्टरों ने प्रदेश के अलग-अलग शहरों में आफिस खोलकर लोगों को कंपनी में निवेश पर मोटा मुनाफा का लालच दिया था। इसके कारण कई जिलों के लोगों ने कंपनी में निवेश किया था। इसके बाद रकम लौटाने से पहले ही कंपनी के डायरेक्टर आफिस बंद कर भाग निकले। इस पर बिलासपुर समेत धमतरी, कोरबा, सूरजपुर, रायपुर, दुर्ग और बेमेतरा में मामले दर्ज किए गए हैं।

दो आरोपित पहले हो चुके हैं गिरफ्तार

धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद रतनपुर पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर सतनाम सिंह रंधावा और देवेश बजाज को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, मामले में शैलेंद्र गोस्वामी की संपत्ति को कुर्क करने धमतरी कलेक्टर से पत्राचार किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में प्रक्रिया लंबित है।

Posted By: Yogeshwar Sharma