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Corona Warriors in Bilaspur: ये योद्धा इसलिए हैं डटे, ताकि न अंधेरा हो और न लोग रहे भूखे

Updated: | Thu, 15 Apr 2021 10:20 AM (IST)

बिलासपुर। Corona Warriors in Bilaspur: मालगाड़ी हो या कोचिंग ट्रेन या फिर पार्सल ढोने वाली ट्रेनें। सभी का परिचालन सुरक्षित इसलिए हो रहा है, क्योंकि रेलवे कंट्रोल कार्यालय के कर्मचारी योद्धा की भूमिका डटे हुए हैं। इन्हीं योद्वाओं की वजह से विषम परिस्थितियों के बावजूद तापघरों तक समय पर कोयले की आपूर्ति हो रही और बिजली का उत्पादन हो रहा है। खाद्यान्न, दूध, फल-सब्जियां समेत आवश्यक सामग्रियां भी एक से दूसरे स्थान पर इसलिए पहुंच रही, क्योंकि ट्रेनें सुरक्षित और समय पर चलाई जा रही है।

कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया बदल गई है। इसके वैश्विक प्रसार ने सभी सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों को प्रभावित किया है। व्यापक सामाजिक और आर्थिक व्यवधान भी उत्पन्न् किया है। अधिकारी एवं कर्मचारी मिलकर अपने संगठनों को वर्तमान परिस्थिति के अनुकूल सुचारू रूप से चलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

हर रोज के अपने अनुभव से भविष्य के लिए नए - नए समीकरण और रणनीतियां तैयार की जा रही है। एक जंग सी छिड़ी हुई है, जहां प्रत्येक कर्मी अब योद्धा की भूमिका में है। भारतीय रेलगाड़ी के गतिमान पहिए यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचा रही है। जीवन की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी इसी से हो रही है। पहिये को गतिमान बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन कंधो ने उठा रखा है उनमें से चौबीसों घंटे नियंत्रण कार्यालय (कंट्रोल आफिस) में कार्यरत रेलकर्मी है।

बिलासपुर रेल मंडल के नियंत्रण कार्यालय में यही स्थिति है। अलग- अलग विभागों के कर्मचारियों की टीम इसीलिए निरंतर काम कर रही है ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। देश में कहीं भी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो। बिजली की मांग के लिए कोयले की आपूर्ति प्र्रभावित न हो। रेलवे इस कठिन हालात में अपनी अहम भूमिका को अच्छी तरह से समझती है। इसलिए रेलकर्मी डटे हुए हैं।

Posted By: sandeep.yadav
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