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Coronavirus in Chhattisgarh: दूसरी लहर में बदल गए हैं लक्षण, बरतें सावधानी: डा. कालवीट

Updated: | Fri, 16 Apr 2021 11:40 AM (IST)

बिलासपुर। Coronavirus in Chhattisgarh: कोरोना से जंग जीतना संभव है। इसके लिए लोगों को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। कोविड-19 महामारी के पहले दौर में ही लोगों ने दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया। कई लोगों ने इसकी सार्थकता पर सवाल भी उठाए थे। इसके कारण ही हम दूसरी लहर का प्रकोप झेल रहे हैं। इस बार मरीजों के लक्षण बदल गए हैं। ऐसे में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। ये कहना है मधुमेह विशेषज्ञ डा. प्रवीण कालवीट का।

विशेषज्ञ डा. कालवीट ने कहा कि कोविड-19 की शुस्र्आत में ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से दिशा- निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद लोगों ने व्यापक स्तर पर सार्वजनिक आयोजन किए। बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर भीड़ रही। राजनीतिक पार्टियों की ओर से भीड़ जुटाई गई। खेल और दूसरे मनोरंजक आयोजन किए गए। इसमें लोगों की भीड़ रही।

इसके कारण कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को व्यापक स्तर पर प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के दूसरी लहर में वायरस ने अपनी संरचना में फेरबदल की है। इसके लक्षण और प्रभाव बिल्कुल अलग है। इसमें लोगों को सामान्य लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं।

फेफड़ों में संक्रमण के बाद लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसके बाद अस्पताल पहुंचने पर लोगों का उपचार कठिन हो रहा है। स्थिति गंभीर होने के बाद मरीज को विभिन्न् संसाधनों से पूर्ण अस्पताल की जरूरत है। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण मरीजों की जान जा रही है।

सामाजिक सरोकार को न भूलें

डा. कालवीट ने कहा कि एक डाक्टर होने के नाते मैं सबसे अपील करता हूं कि अपने सामाजिक सरोकार का पालन करें। बेवजह भीड़ इकट्ठा ना करें। दिन में कई बार हाथ धोएं। चेहरे पर सही तरीके से मास्क लगाएं। शारीरिक दूरी का पालन करें। आवश्यक होने पर ही घर से निकलें। खुद के साथ ही दूसरों को भी इस बीमारी से बचाने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करें।

पूर्वाग्रह ने बढ़ाया संक्रमण

डा. कालविट ने बताया कि कोविड को लेकर फैलाई गई अफवाह के कारण लोगों के मन में कई तरह के पूर्वाग्रह है। सामान्य लक्षण दिखने पर लोग डाक्टर से परामर्श लेने के बजाय मेडिकल स्टोर से दवाएं ले रहे हैं। इसके कारण संक्रमण बढ़ रहा है। लोग अपने साथ घर के सदस्यों और दूसरे लोगों को संक्रमित कर रहे हैं।

इससे बचने के लिए किसी भी प्रकार के लक्षण होने पर डाक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है। सर्दी, खांसी, बुखार, शरीर में दर्द समेत किसी भी लक्षण के होने पर खुद को सबसे अलग कर डाक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।

दूसरी लहर में ये हैं लक्षण

0 हाथ-पैर और शरीर में दर्द

0 थकान और कमजोरी

0 बुखार के साथ शरीर में दर्द

0 तेज सिर दर्ज, बुखार

0 ये सभी लक्षण पहले चार-पांच दिन में आते हैं।

0 इसके बाद छह से सात दिन में फेफड़े संक्रमण होता है।

0 शरीर में कमजोरी आ जाती है।

0 आक्सीजन की कमी हो जाती है।

Posted By: Yogeshwar Sharma
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