बिलासपुर में डायरिया ने पसारे पैर, तारबाहर व तालापारा में मिले 17 मरीज, चार भर्ती

Updated: | Sun, 05 Dec 2021 07:50 AM (IST)

बिलासपुर। सिम्स में डायरिया से दो महिलाओं की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। शनिवार को तारबाहर और तालापारा क्षेत्र के 115 घरों में सर्वे कराया गया। इस दौरान उल्टी, दस्त के 17 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग सकते में आ गया। इसमें से 10 को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। चार की हालत गंभीर होने पर भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग शहर में फैल रहे डायरिया से अनजान बना हुआ था। शुक्रवार को दो महिलाओं की उल्टी-दस्त की वजह से मौत होने पर आंखे खुलीं।

इसके बाद सीएमएचओ डा. प्रमोद महाजन ने तत्काल संवदेनशील क्षेत्रों में सर्वे कराने व दवा का वितरण करने के निर्देश दिए। इसके तहत शनिवार की सुबह स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितनिनों की टीम ने तारबाहर और तालापारा क्षेत्र के 115 घरों में दस्तक दी। इस दौरान एक के बाद एक उल्टी, दस्त के 17 मरीज मिले। कर्मियों ने इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी। जानकारी लगते ही तत्काल उपचार कराने के निर्देश दिए गए। ऐसे में टीम ने उल्टी, दस्त से पीड़ित सात लोगों को घर पर ही आवश्यक दवा दी। अन्य 10 को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां पर जांच के दौरान छह लोगों को दवा देकर घर भेज दिया गया। वहीं चार की हालत गंभीर मिलने पर भर्ती किया गया है।

दूषित पानी के सेवन से बीमार होने की आशंका

स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डा. बीके वैष्णव ने बताया किमरीजों की प्रारंभिक जांच से दूषित पानी के सेवन से बीमार पड़ने की बात पता चली है। इसके बाद उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हुई है। समस्या बढ़ने पर कुछ को भर्ती करने की आवश्यकता पड़ी है। सभी का उपचार किया जा रहा है।

नगर निगम अब तक सक्रिय नहीं

डायरिया की मुख्य वजह दूषित पानी बनाता है। इसके सेवन से उल्टी दस्त की शिकायत होने लगती है। जिन क्षेत्रों में उल्टी-दस्त के मरीज मिले हैं, वहां के ज्यादातर हिस्से में पाइपलाइन नालियों से होकर गुजरती है। पाइप में लीकेज की समस्या है। इससे पानी के दूषित होने की आशंका है। इसके बाद भी निगम का स्वास्थ्य अमला सक्रिय नहीं हुआ है। जबकि पानी की जांच करने की जरूरत है।

ये हैं संवेदनशील क्षेत्र

शहर के कई इलाकों में नगर निगम की पाइपलाइन नालियों से होकर गुजरती है। जहां मटमैला पानी घरों में पहुंचने की शिकायत रहती है। ऐसे ही क्षेत्र में उल्टी, दस्त के मरीज ज्यादा मिलते हैं। ऐसे क्षेत्र में जरहाभाठा मिनी बस्ती, तालापारा, सिरगिट्टी, तारबाहर, कुदुदंड की निचली बस्ती, दयालबंद के क्षेत्र, हेमूनगर, मंगला और सरकंडा प्रमुख है।

आज भी चलेगा सर्वे

उल्टी, दस्त के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सकते में है। ऐसे में शहर के संवदेनशील क्षेत्रों के घर-घर में दस्तक देकर डायरिया के मरीज खोजे जाएंगे। इसके लिए सभी वार्ड के मितानिनों को सक्रिय भी कर दिया गया है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता की टीम भी साथ रहेगी। वे मरीज मिलने पर दवा का वितरण करने के साथ उपचार कराने की भी व्यवस्था करेगी।

शहरी क्षेत्र में उल्टी, दस्त के मरीज मिल रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए सर्वे शुरू करा दिया गया है। मरीज मिलने पर उनके उपचार की व्यवस्था की जाएगी।

डा. प्रमोद महाजन, सीएमएचओ, बिलासपुर

Posted By: Yogeshwar Sharma