सरकार बारदाने की समस्या का तत्काल करे निराकरण: धीरेंद्र

Updated: | Sat, 27 Nov 2021 07:00 AM (IST)

बिलासपुर। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र दुबे ने मांग की है कि सरकार किसानों को बारदाने एवं रकबे को लेकर होने वाली समस्या का तत्काल समाधान निकाले। पिछले वर्ष के बारदानों का भुगतान तत्काल किसानों को करें अन्यथा संघ प्रदेश में सरकार के विरोध में आंदोलन करेगा। जिलाध्यक्ष ने बताया कि बारदाने की समस्या को लेकर एक बार किसान चिंतित दिखाई दे रहे हैं। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी में किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा क्योंकि सभी समितियों में जो दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं।

इसके अनुसार धान खरीदी के पहले दिन से ही 25 से 30 प्रतिशत बारदाने किसानों से ही लेने की बात कही गई है। वहीं व्यापारियों के चेहरे खिल गए है और किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच गई है क्योंकि जैसे ही यह बात सामने आई कि बारदाने की समस्या है, रातों- रात बारदाने की कीमतें आसमान पर पहुंच गई। जो बारदाना 15 से 20 रुपये में मिलना चाहिए वह अब 35 रुपये का हो गया है, जिसका पूरा भार किसानों पर ही आएगा। किसानों का कहना है की उन्हें प्रति क्विंटल 100रुपये का अतिरिक्त खर्च बारदानों पर करना होगा।

धान का समर्थन मूल्य 1940 रुपये मिलना है, वह अब बारदाने के खर्च के बाद 1840 रुपये ही मिलेगा। प्रदेश के किसानों का कहना की यदि बाहर से बारदाने किसानों को मिल सकता है तो सरकार क्यों व्यवस्था नहीं कर पा रही है। इसके साथ ही एक नई समस्या किसानों के साथ आ रही है कि जिन किसानों की एक से अधिक ग्रामों में खेती है, उन किसानों का एक से अधिक ग्रामों का पंजीयन एक ही समिति में कर दिया गया है।

ऐसे में उस किसान को एक गांव से उसके दूसरे गांव की समिति में परिवहन करना होगा, जिसमें वह अनावश्यक परेशान होगा और उसका खर्च भी बढ़ेगा। जिले में इस वर्ष लगभग एक लाख 10 हजार पंजीकृत कृषक है। इसमें एक लाख 25 हजार 172 हैक्टेयर में धान बेचा जाना है। इसके लिए एक करोड़ 25 लाख बारदाने की आवश्यकता पड़ने वाली है सूत्रों से जानकारी के मुताबिक जिले में 70 लाख बारदाने की व्यवस्था प्रशासन ने की है अभी भी 55 लाख बारदाने की व्यवस्था को लेकर संसय की स्थिति बनी हुई है ।

Posted By: Yogeshwar Sharma