Highcourt News Bilaspur: सात साल बाद एनटीपीसी विस्थापितों को अब मिलेगी राहत

Updated: | Sat, 25 Sep 2021 03:22 PM (IST)

बिलासपुर।Highcourt News Bilaspur: सीपत स्थित एनटीपीसी में 25 विस्थापितों को सात साल बाद अब जाकर राहत की उम्मीद नजर आ रही है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में भूविस्थापित प्रभावित परिवार के एक सदस्य को पुनर्वास नीति के तहत रोजगार देने और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया है। कलेक्टर बिलासपुर व महाप्रबंधक एनटीपीसी को याचिकाकर्ताओं के आवेदन पर दो महीने के भीतर निराकरण करने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को छूट देते हुए कहा कि अगर उनको लगता है कि कमेटी से उचित निर्णय नहीं लिया है तो उनके फैसले को चुनौती देने के लिए स्वतंत्र हैं।

गतौरा निवासी वेदराम साहू व अन्य ने वकील सुशोभित सिंह व प्रभाकर सिंह चंदेल के जरिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि सीपत मेंं एनटीपीसी पावर प्लांट की स्थापना के दौरान उनके अलावा आसपास के आठ गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। भूमि अधिग्रहण के दौरान बिजली कंपनी के अधिकारियों व राज्य शासन के बीच समझौता हुआ कि केंद्र सरकार द्वारा तय अधिग्रहण व पुनर्वास प्राविधानों का शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा।

याचिका के अनुसार बिजली कंपनी ने भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजा तो दिया पर पुनर्वास नीतियों व केंद्र के प्राविधानों को आजतलक पालन नहीं कर रही है। याचिकाकर्ताओं ने पुनर्वास नीति का पालन करते हुए प्रभावित परिवार के एक सदस्य को एनटीपीसी पावर प्लांट में नौकरी देने की गुहार लगाई है। मामले की सुनवाई जस्टिस संजय के अग्रवाल के सिंगल बेंच में हुई। प्रकरण की सुनवाई करते हुए जस्टिस अग्रवाल ने याचिकाकर्ता भूमि विस्थापितों को महाप्रबंधन एचआर एनटीपीसी के कार्यालय में 30 दिनों के भीतर अपना दावा संबंधी आवेदन जमा करने कहा है।

याचिकाकर्ता व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष महाप्रबंधक मानव संसाधन विभाग एनटीपीसी सीपत के समक्ष रखेंगे। महाप्रबंधक मानव संसाधन विभाग को प्रत्येक आवेदनकर्ताओं के आवेदन संबंधी दावों का दस्तावेज तैयार करना होगा। दस्तावेज को कलेक्टर बिलासपुर के हवाले करना होगा। जस्र्री दिशा निर्देशों के साथ ही हाई कोर्ट ने रिट याचिका को निराकृत कर दिया है।

कलेक्टर व महाप्रबंधक एनटीपीसी 60 दिनों के भीतर करेंगे फैसला

कलेक्टर या उनके द्वारा नामित अफसर,महाप्रबंधक मानव संसाधन विभाग एनटीपीसी के साथ सार्वजनिक स्र्प से सुनवाई करेंगे। इसमें याचिकाकर्ता या उनके प्रतिनिधि और एनटीपीसी या उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सुनवाई के बाद दो महीने के भीतर निर्णय करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सुनवाई की तिथि से 45 दिनों के भीतर सभी याचिकाकर्ताओं के मामले में व्यक्तिगत आदेश पारित करें।

Posted By: anil.kurrey