Highcourt News Bilaspur: अवमानना याचिका पर हाई कोर्ट में जवाब देने के बजाय शासन ने याचिकाकर्ताओं को जारी किया नोटिस

Updated: | Sun, 17 Oct 2021 08:45 PM (IST)

बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।Highcourt News Bilaspur: न्यायालयीन आदेश की अवहेलना के आरोप में अवमानना याचिका के दायरे में आए राज्य शासन व रोजगार कार्यालय के अधिकारियों ने कोर्ट में जवाब पेश करने के बजाय शासन ने याचिकाकर्ताओं को ही नोटिस थमा दिया है। अचरज की बात यह है कि हाई कोर्ट में जवाब पेश करने के लिए शासन ने मोहलत मांग ली है। हाई कोर्ट की शरण लेने वाले आइटीआइ में पदस्थ रोजगार अधिकारियों को विभाग द्वारा अब कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। पदोन्न्ति को लेकर इन अधिकारियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर याचिकाकर्ताओं ने अवमानना याचिका दायर कर दी है।

हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए राज्य शासन और विभाग ने 45 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा है। संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के तहत आइटीआइ में कार्यरत लगभग 50 प्रशिक्षण अधिकारियों ने वकील अभिषेक पांडेय के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें कहा है कि उनको निर्धारित समय के बाद भी नियमानुसार पदोन्न्ति व अन्य लाभ नहीं दिया जा रहा है।

वर्ष 2013 में पदस्थ इन अधिकारियों में इंजीनियरिंग डिग्रीधारी वर्ष 2019 में व डिप्लोमाधारी वर्ष 2020 में पात्र हो चुके हैं। विभाग में 100 से अधिक प्रशिक्षण अधीक्षक के पद रिक्त होने के बाद भी वर्ष 2018 के बाद से पदोन्न्ति प्रक्रिया ही नहीं की गई।

मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने भर्ती व पदोन्न्ति नियमों के अनुसार याचिकाकर्ताओं को पदोन्न्त करने के निर्देश राज्य शासन को जारी किए थे। हाई कोर्ट के निर्देश के पालन नहीं होने पर याचिकाकर्ताओं ने अपने वकील के जरिए न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना के आरोप में अवमानना याचिका दायर की है।

विभागीय अफसरों का नया पैंतरा

अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य शासन व विभागीय अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है। इस बीच विभाग ने याचिकाकर्ताओं को पद से हटाने नोटिस जारी कर दिया है। विभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने एक बार फिर हाई कोर्ट में अपनी बात रखने का निर्णय लिया है।

Posted By: anil.kurrey