Highcourt News in Bilaspur: दूसरे मेडिकल कालेज में शिफ्ट किए जाएंगे चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल के विद्यार्थी

Updated: | Sat, 18 Sep 2021 10:40 PM (IST)

बिलासपुर।Highcourt News in Bilaspur: चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज के मामले में राज्य शासन ने अपने जवाब में बताया कि विद्यार्थियों को दूसरे सरकारी मेडिकल कालेजों में शिफ्ट किए जाएंगे। इसके लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआइ) को पत्र लिखा है। इस संबंध में दूसरे मेडिकल कालेजों में सीट बढ़ाने की मांग भी की गई है। हाई कोर्ट ने एमसीआइ से 23 सितंबर तक जवाब मांगा है। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज की मान्यता 2018 में रद कर दिया है। दरअसल एमसीआइ की टीम को निरीक्षण के दौरान मेडिकल कालेज में खामियां मिली थी। जिसके कारण कालेज के 2017 बैच में प्रवेश लेने वाले मेडिकल छात्रों के भविष्य पर संकट की स्थिति निर्मित हो गई।

इस पर विद्यार्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। पिछले दो साल से इस मामले की सुनवाई लंबित है। इस बीच लंबी सुनवाई के बाद राजय सरकार ने कोर्ट को बताया था कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कालेज का अधिग्रहण करने के लिए तैयार है। इस बीच राज्य सरकार ने चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज के अधिग्रहण की प्रक्रिया 14 दिन पहले पूरी कर ली है।

मानसून सत्र में पारित अधिग्रहण अधिनियम को बीते शुक्रवार को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। इसके बाद निजी मेडिकल कालेज अब पूरी तरह से सरकारी मेडिकल कालेज हो गया है। मेडिकल कालेज में आखिरी बैच 2016-17 का है। इस बीच 2018 में मान्यता रद होने के कारण उनकी पढ़ाई अटक गई है। वहीं कालेज में अभी तक आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण नहीं किया जा सका है।

यहां मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया के प्रविधान के अनुसार न तो विशेषज्ञ शिक्षक हैं और न ही पर्याप्त स्टाफ है। मेडिकल के छात्रों को दूसरे सरकारी मेडिकल कालेज में शिफ्ट करने के बाद उन्हें राहत मिलेगी। मालूम हो कि कालेज में अध्ययनरत 183 छात्र-छात्राएं अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता किशोर भादुड़ी ने बताया कि राज्य में पहली बार किसी कालेज के विद्यार्थियों को इस तरह से दूसरे कालेजों में शिफ्ट किया जा रहा है।

Posted By: anil.kurrey