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Humanity in Lockdown in Bilaspur: कोरोना काल में गायों की रक्षा व समय पर भोजन खिलाना ही बिलासपुर की चुन्नी का लक्ष्य

Updated: | Sat, 15 May 2021 09:40 AM (IST)

बिलासपुर। Humanity in Lockdown in Bilaspur: मन में सेवा का भाव हो तो कुछ भी काम कठिन नहीं है। संकट के इस घड़ी में नारी शक्ति भी पीछे नहीं है। ऐसे में गौ वंश की रक्षा और समय पर भोजन देना ही समाजसेवी चुन्नी मौर्य का लक्ष्य है। रोजाना दोपहर और शाम को बेसहारा गायों को चारा खिलाती हैं। आसपास लोगों को प्रोत्साहित करने के साथ व्यवस्था भी जुटाती हैं।

सामाजिक संस्था विश्वाधारंभ से जुड़कर निरंतर सेवा कर रही हैं। लाकडाउन के बीच एक ओर जहां व्यवस्थाएं प्रभावित है उसके बाद भी किसी तरह बेसहारा पशुओं के साथ गौ वंश के लिए विशेष इंतजाम करती है। चौक-चौराहों में जाकर चारे की व्यवस्था करती हैं। आपदा के इस समय लोगों को आगे आने अपील भी कर रहीं है। तोरवा निवासी चुन्नी वर्तमान में गौ सेवा को लेकर अपनी खास पहचान बना चुकी है। पशु पक्षियों के सेवा के लिए हमेशा से आगे रहती है।

वह गायों व गोवंश की सेवा मां की तरह करते हैं। उनके लिए यह मातृसेवा है। विगत दो वर्षों से उनका यह प्रयास जारी है। उनका कहना है कि महामारी के बीच एक ओर जहां आम जनों को रोी रोटी की समस्या आ रही है, वही बेजुबानों को को भी भोजन तक नसीब नहीं हो रहा है। भीषण गर्मी ऊपर से खाने की समस्या, ऐसे में कालोनी के लावारिस कुत्तों, गायों को रोज भोजन उपलब्ध करा रहीं है।

वे कहती हैं कि मानवता के नाते हमारा भी फर्ज है कि जो कुत्ते हमारे लिए चौकीदार का काम करते थे और जिस गाय के दूध से हम सभी अच्छी अच्छी मिठाइयां खाते थे, वे आज के हालात में असहाय हो गई हैं। जब हम किसी कार्य की शुरुआत स्वयं करते हैं, तभी किसी को साथ लेकर चलने कह सकते हैं।

आम जनों से अपील कर रहीं है कि घरों में सब्जियों के छिलके, फलों के छिलके और बहोत सारी ऐसी खाने की वस्तुएं होती होंगी,जिन्हें हम फेंक देते हैं। उनका संचय कर उन्हें अपनी ही कालोनी के गाय या कुत्तों को खिलाइए, जब हम किसी की जरूरत का माध्यम बनते हैं तो यकीन मानिए बहुत सुकून मिलता है। आप कल्पना भी नहीं कर सकते कि आपका ये छोटा सा प्रयास कितने अनगिनत जानवरों को जीवनदान देगा।

Posted By: sandeep.yadav
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