Kanan Zoo News: कानन जू में वन्य प्राणियों की मौत, महापौर करेंगे निरीक्षण

Updated: | Sun, 01 Aug 2021 10:00 AM (IST)

बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।Kanan Zoo News: कानन पेंडारी जू में लगातार वन्य प्राणियों की मौत हो रही है। यह चूक कैसे हो रही है इसकी जांच करने के लिए महापौर रामशरण यादव एक अगस्त की सुबह 11 बजे जू का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण कार्यक्रम तय होने के बाद जू प्रबंधन सकते में है। यदि लापरवाही मिलती है तो इसका खामियाजा भी अधिकारियों को भुगतना पड़ सकता है। कानन में शुक्रवार को चार साल के बाइसन की मौत हो गई। दो महीने के अंदर बाइसन की यह दूसरी मौत है। चिकित्सकों की टीम ने हार्ट अटैक से मौत होने की जानकारी दी है। इससे पहले भी बाइसन की मौत की वजह यही बताई गई थी। वन्य प्राणियों पर अचानक हार्ट अटैक की घटना बढ़ रही है।

अब तक इसकी वजह खंगाल पाने में जू प्रबंधन और यहां के चिकित्सक असफल साबित हो रहे हैं। वन्य प्राणियों की मौत को लेकर वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हंै। प्रभारी मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने इसे न केवल गंभीरता से लिया, बल्कि उन्होंने जांच कराने का निर्णय भी लिया है। यह जवाबदारी उन्होंने महापौर रामशरण यादव को सौंपी है।

इस निर्देश का असर है कि महापौर यादव एक अगस्त को कानन पेंडारी जू पहुंचेंगे। महापौर का कहना है कि जू पहुंचकर सभी वन्य प्राणियों और उनके रहवास का जायजा लेंगे। इस दौरान खानपान से लेकर देखभाल करने का तरीका भी देखा जाएगा।

बाइसन की मौत के संबंध में अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। पूरी जांच बिंदुवार होगी। इसके बाद एक रिपोर्ट बनाकर प्रभारी मंत्री को सौंपेंगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी। लापरवाही मिलने पर अफसरों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

कोरोना रिपोर्ट निगेटिव

जू प्रबंधन का कहना है कि यह घटना इतनी अचानक हुई कुछ समझ में नहीं आया। यह जरूर है कि एक दिन पहले उसने भोजन नहीं किया था। वन्य प्राणियों में यह सामान्य प्रक्रिया है। भूख लगने की दवा भी दी गई थी। एकाएक मौत की वजह कही कोरोना तो नहीं है। इसकी पुष्टि के लिए मृत बाइसन की कोरोना जांच भी कराई गई थी। जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई।

बचे बाइसन की सिकलसेल जांच

छह में दो बाइसन की मौत हो चुकी है। दोनों की मौत का कारण एक है। इसे देखते हुए ही जू प्रबंधन ने अन्य बाइसन की सिकलसेल जांच करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जू के दोनों चिकित्सकों को निर्देश भी दिए जा चुके हैं।

Posted By: anil.kurrey