Leopard hunt in Bilaspur: तेंदुए को फंसाने मुर्गे को बनाया फंदा, खाली ही रहा पिंजरा

Updated: | Sun, 25 Jul 2021 08:00 AM (IST)

बिलासपुर। Leopard hunt in Bilaspur: कानन पेंडारी जू के बाहर राहगीर को तेंदुआ दिखा था। इस सूचना के बाद तेंदुए को रेस्क्यू करने टीम ढूंढती रही। इसके बाद जू के पीछे हिस्से में एक पिंजरा रखकर अंदर मुर्गे को बांधकर दो दिनों तक इंतजार किया गया। लेकिन यह कोशिश भी बेकार रही। अब जू प्रबंधन का मानना है कि सूचना केवल अफवाह थी। पिंजरे को भी हटा लिया गया है। राहगीर को पिछले दिनों यह तेंदुआ नजर आया था। इसकी सूचना उन्होंने जू प्रबंधन को दी।

तीन साल पहले भी एक राहगीर ने तेंदुए दिखने की जानकारी दी थी। यही वजह है कि जू प्रबंधन ने सतर्क हुआ। वन अफसरों ने भी मामले को गंभीरता से लिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अमला लगातार दो दिन तक जू के चारों तरफ झाड़ियों में सर्चिंग करता रहा। रात्रिकालीन ड्यूटी भी लगाई गई। इसके साथ-साथ एक उपाय और अपनाया गया। इसमें जू के पीछे एक पिंजरे में मुर्गें को बांधकर रखा गया था। योजना यह थी कि मुर्गें को खाने जैसे ही तेंदुआ करीब पहुंचता पिंजरे का दरवाजा अपने से गिर जाता।

इससे तेंदुआ आसानी से पकड़ में आ जाता। जू प्रबंधन ने दो दिनों यह तरकीब अपनाई। पर पिंजरे में मुर्गा ही नजर आया। आखिर में पिंजरा हटा लिया गया। इतना सब कुछ करने के बाद भी कोई सफलता नहीं मिली। अब जू प्रबंधन सूचना को अफवाह मान रहा है। किसी तरह पदचिन्ह भी नहीं मिला। हालांकि दूसरी तरफ सतर्क भी है। क्योंकि लगातार सूचना मिली आ रही है।

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पिंजरे के अंदर मुर्गे का बांधकर रखा गया था। राहगीर को जो जानवर नजर आया था। उसे पकड़ में आ सके। सर्चिंग के दौरान पदचिन्ह भी नहीं मिले।

संजय लूथर, अधीक्षक, कानन पेंडारी जू

Posted By: Yogeshwar Sharma