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Bilaspur News : सुपोषण अभियान से पांच हजार से अधिक बच्चे हुए सेहतमंद

Updated: | Fri, 27 Nov 2020 05:52 PM (IST)

बिलासपुर। Bilaspur News : स्वस्थ भविष्य की संकल्पना को साकार करने के लिए संचालित मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का सकारात्मक परिणाम जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में देखने को मिला है। इस अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के पांच हजार 756 बच्चे कुपोषण से बाहर निकलकर सेहतमंद हुए और एक वर्ष में ही कुपोषण के मामलों में 7.32 प्रतिशत की कमी आई है।

आंगनबाड़ी केंद्र के करीब 86 हजार बच्चों में से 18 हजार 340 बच्चे कुपोषित थे तथा कुपोषण का प्रतिशत 21.78 था। सुपोषण अभियान के एक वर्ष बाद कुपोषित बच्चो की संख्या 12 हजार 584 तथा कुपोषण का प्रतिशत घटकटर 14.46 प्रतिशत हो गया है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी के कुपोषित बच्चों को सप्ताह में एक दिन तथा गंभीर कुपोषित बच्चों को सप्ताह में दो दिन उबला हुआ अंडा और मूंगफली के लड्डू दिए जा रहे हैं।

जो बच्चे अंडा नहीं खाते हैं, उन्हें तेल में भुनी हुई सोया बड़ी दी जा रही है। योजना का वित्तपोषण जिला खनिज संस्थान न्यास से तथा संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला प्रशासन की निगरानी में किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा कृमि नाशक दवा तथा विटामिन ‘‘ए’’ का सिरप भी उपलब्ध कराया गया है, जिसे एक निश्चित अंतराल पर बच्चों को दिया जा रहा है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुपोषित बच्चों का हर माह वजन लेकर शारीरिक विकास पर नजर रखती हैं तथा बच्चों के माता-पिता को कुपोषण के दुष्प्रभाव और इससे दूर करने की जानकारी भी देते हैं। कोरोना संकट काल में आंगनबाड़ी बंद होने के बावजूद यह अभियान अनवरत जारी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सूखा राशन और अंडा बच्चों के घर-घर पहुंचा रही हैं, ताकि बच्चों को पौष्टिक आहार मिलता रहे।

सुपोषण अभियान की देख-रेख के लिए सभी जिला अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। जिला अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर बच्चों को समय पर अंडा खिलाने की जानकारी लेते हैं। जहां लापरवाही होती है, वहां के कार्यकर्ता पर तत्काल कार्यवाही की जाती है। इस अभियान के शुरू होने से बच्चों के सेहत में सुधार आने के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति में भी वृद्धि हुई है।

Posted By: Shashank.bajpai
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