छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से 22 से अधिक स्वसहायता समूह को राहत

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 11:20 AM (IST)

बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट का वितरण करने वाले 22 से अधिक महिला स्व सहायता समूहों की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने शासन को 90 दिनों के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आगामी आदेश तक इन्हीं समूहों को काम जारी रखने का आदेश जारी किया गया है। दरअसल, शासन ने नए समूह की नियुक्ति के लिए आदेश जारी किया है। सभी समूह ने इस आदेश को चुनौती दी है।

रायपुर जिले में अभनपुर समेत कई इलाकों में लक्ष्मी अन्न्पूर्णा समेत 22 महिला स्व सहयता समूह रेडी टू ईट आहार का वितरण आंगनबाड़ियों में करते आ रहे हैं। इसी बीच शासन ने तीन दिसंबर 2019 को आदेश जारी कर कहा कि अब विज्ञापन जारी करने के बाद ही समूहों को नए सिरे से काम दिया जाएगा। शासन के इस निर्णय का विरोध करते हुए समूहों ने हाई कोर्ट में अधिवक्ता आरके केशरवानी के माध्यम से चुनौती दी।

याचिका में कहा गया कि यह आदेश सही नहीं है। हम सब करीब 11 वर्षों से रेडी टू ईट का वितरण करते आ रहे हैं। आज तक कहीं भी शिकायत सामने नहीं आई है। केंद्रों में और विभाग ने भी कोई कमी नहीं देखी। इसके बाद भी अब विज्ञापन निकालकर नई नियुक्ति की जा रही है, यह अनुचित है। हाई कोर्ट में जस्टिस आरसीएस सामंत की एकलपीठ में सुनवाई हुई।

हाई कोर्ट ने शासन को इस प्रकरण में 90 दिनों के भीतर निदान करने के निर्देश देते हुए कहा कि तब तक यह समूह इसी प्रकार अपना काम करते रहेंगे। हाई कोर्ट में चल रहे इस मुकदमे के दौरान ही शासन ने एक और नया आदेश जारी कर कृषि विभाग के हाथों स्व सहायता समूहों को सौंप दिया गया है। पुराने सभी निर्देशों को निरस्त कर दिया गया है। इससे 200 से समूहों को परेशानी होगी। इस आदेश को भी हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी की जा रही है।

Posted By: anil.kurrey