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Bilaspur High Court News: शिक्षकों के अभ्यावेदन का चार माह में करें निराकरण: हाई कोर्ट

Updated: | Sun, 18 Apr 2021 02:45 PM (IST)

बिलासपुर। Bilaspur High Court News: प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर क्रमोन्न्त वेतनमान देने की मांग को लेकर शिक्षकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस प्रकरण की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता शिक्षकों के अभ्यावेदन पर चार माह के भीतर निराकरण करने का आदेश दिया है। उत्तर बस्तर क्षेत्र के कांकेर जिले के अंतागढ़ तहसील क्षेत्र के रहने वाले शनिराम तारम, गोपाल सिंह जैन, मंगलराम उसेंडी, श्रीराम उइके, कृष्णराम साहू, अनिल कुमार ठाकुर, सुगदू राम पोटाई, विश्वनाथ नाग ने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

इसमें बताया गया है कि सभी याचिकाकर्ता सहायक शिक्षक के पद पर क्रमश: वर्ष 1997- 98 एवं वर्ष 2000 से कार्यरत हैं। याचिकाकर्ता पूर्व में शिक्षाकर्मी व गुस्र्जी के पदनाम से काम कर रहे थे और सभी पंचायत विभाग के अधीन शिक्षकीय कार्य कर रहे थे। उक्त सभी शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि वही है, जब उन्होंने पहली बार ज्वाइन कर शिक्षकीय कार्य शुरू किया, तब से वे अनवरत शिक्षक संवर्ग में ही कार्यरत हैं। बाद में उनका संविलयन शिक्षा विभाग में किया गया।

शासन के प्रविधान के अनुसार नियुक्ति दिनांक से दस साल की सेवा पूरी करने पर पुनरीक्षित क्रमोन्न्त वेतनमान का लाभ दिया जाना है। याचिका में याचिकाकर्ताओं की वरिष्ठता की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि करने और पंचायत विभाग में की गई सेवा अवधि की गणना कर सेवा पुस्तिका का संधारण करने की मांग की गई है। साथ ही इसी आधार पर पुनरीक्षित क्रमोन्न्त वेतनमान का निर्धारण एवं अन्य लाभ दिलाने का आग्रह किया गया है।

हाई कोर्ट के जस्टिस पीसेम कोशी ने याचिका की सुनवाई करते स्कूल शिक्षा सचिव, पंचायत विभाग के संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, जनपद पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन का नियमानुसार चार माह के भीतर निराकरण किया जाए।

Posted By: sandeep.yadav
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