Revenue News Bilaspur: समर्थन मूल्य में पंजीकृत रकबों की सच्चाई जानने पटवारी पहुंच रहे गांव-गांव

Updated: | Tue, 03 Aug 2021 03:48 PM (IST)

बिलासपुर। Revenue News Bilaspur: समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए किसानों ने धान के फसल वाले रकबों का पंजीयन कराया है। पंजीयन की हकीकत जानने के लिए पटवारी गांव-गांव जा रहे हैं। किसानों के खेत में पहुंचकर धान की फसल का फोटो खींच रहे हैं और मौके से ही राज्य शासन के पोर्टल में फोटो व जानकारी अपलोड कर रहे हैं। राज्य की सत्ता में काबिज होते ही कांग्रेस सरकार ने किसानों का धान समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए प्रति क्विंटल 2500 स्र्पये की घोषणा की। वर्ष 2018 से राज्य सरकार ने एक और नई व्यवस्था को प्रारंभ करने का निर्देश राजस्व अमले को दिया था। गांव में गिरदावरी का कार्य करने के लिए अगस्त से अक्टूबर के महीने तक चरणबद्ध तरीके से इस कार्य को करना है।

प्रथम चरण का कार्य राजस्व अमले ने प्रारंभ कर दिया है। गिरदावरी के प्रथम चरण में राजस्व अमला अपने प्रभार वाले गांव में पहुंचकर किसानों के साथ खेत जा रहे हैं। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसानों ने जितने रकबे का पंजीयन कराया है उसकी पड़ताल कर रहे हैं और मौेक से ही धान के पौधों वाले खेतों का फोटो भी खींच रहे हैं।

धान के अलावा किसान द्वारा दलहन तिलहन की खेती वाले खेतों की भी जानकारी हासिल कर रहे हैं। फोटो खींचने के बाद शासन के पोर्टल में अपलोड करने से पहले किसान का नाम और धान के फसल वाले रकबे की जानकारी भी टाइप कर रहे हैं। पूरी जानकरी एकसाथ पोर्टल में मौके से ही अपलोड कर रहे हैं। इसके अलावा रजिस्टर में भी नोट कर रहे हैं।

फसल पकने के बाद फिर पड़ताल

धान की फसल जब पककर तैयार हो जाएगी तब राजस्व अमला एक बार फिर गिरदावरी के लिए मौके पर पहुंचेंगे। इस वक्त धान उत्पादन की जानकारी भी लेंगे। किसानों के खेत में जाकर नमूने के तौर पर धान की फसल की कटाई कराएंगे।

मिसाई के बाद उसका तौल कराएंगे। तौल के अनुसार फसल उत्पादन का आंकड़ा तय करेंगे। इसी के अनुसार पटवारी हलका के अनुसार फसल उत्पादन का अनुमान लगाएंगे। अकाल की स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराने वाले किसानों को बीमा कंपनी द्वारा फसल क्षतिपूर्ति दी जाएगी।

Posted By: anil.kurrey