Seasonal Illness in Bilaspur: बच्चों में सर्दी-बुखार के लक्षण, डॉक्टरों ने कहा— ये है सामान्य वायरस

Updated: | Sat, 18 Sep 2021 04:20 PM (IST)

बिलासपुर। Seasonal Illness in Bilaspur: शहर में डेंगू, मलेरिया, पीलिया की आशंका के बीच मौसमी बीमारी ने पैर पसार लिया है। इस बार भी छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। इनमें कोरोना वायरस की तरह ही सर्दी-बुखार के लक्षण मिल रहे है। लेकिन शुक्र इस बात कि है कि बच्चे कोरोना के संक्रमण से अभी भी दूर हैं। शनिवार को सिम्स में बच्चों की ओपीडी 200 पार हो चुकी है। वहीं निजी चिल्ड्रन अस्पताल की ओपीडी में भी बच्चों की भीड़ उमड़ रही है। सिम्स के मेडिसीन विशेषज्ञ डॉ. पंकज टेम्भूर्णीकर के मुताबिक इस मौसम में मौसमी बीमारी का प्रकोप देखने को मिलता है। इसके भी लक्षण कोरोना वायरस के लक्षण से मिलते हैं। ऐसे में बच्चों के अभिभावक डरे हुए हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि कोरोना वायरस कमजोर पड़ चुका है, ऐसे में यह फैल नहीं पा रहा है। इसके विपरीत खासतौर से बच्चे मौसमी बीमारी से संक्रमित हो रहे हैं।

इसलिए डरने की बात नहीं है। उपचार से बच्चे पांच से सात दिन में पूरी तरह से स्वस्थ हो जा रहे हैं। लेकिन मौसमी बीमारी से बच्चों को बचाने के लिए एहितहात बरतने की जरूरत है। इसी के माध्यम से बच्चों को बीमार होने से बचाया जा सकता है। इसी वजह से अस्पतालों में बीमार बच्चों की भीड़ उमड़ रही है।

सिम्स में शनिवार की ओपीडी में उपचार कराने के लिए 202 बच्चे पहुंचे। जिनमें से 155 बच्चे मौसमी बीमार के शिकार मिले हैं। जिनका उपचार किया गया है। इसी तरह शहर के निजी अस्पतालों में भी बच्चों की ओपीडी बढ़ गई है, जहां हर रोज सैकड़ों बच्चों का उपचार किया जा रहा है।

फेफड़ें से खांसी आ रही तो गंभीर बात

बच्चे सर्दी-बुखार से पीड़ित चल रहे है। साथ ही उन्हें खांसी की शिकायत हो रही है। लेकिन यह खांसी गले में कफ जमने से हो रही है। इसी वजह से बच्चों को खांसी हो रही है। गले से आने वाली खांसी से कोई भी खतरा नहीं है। यदि किसी बच्चे की खांसी फेफड़े से आ रही है तो यह गंभीर हो सकता है। ऐसे में बच्चों को इस मौसम में सुरिक्षत रखने का प्रयास करना ही बेहतर रहेगा।

ऐसे रखे बच्चों को सुरक्षित

- नियमित स्नान कराएं व स्वच्छ वातावरण में रखें।

- संतुलित व पौष्टिक भोजन दें, बाहरी भोजन व फास्ट फूड से दूर रखें।

- खेलने के दौरान गंदगी वाली जगह जाने से बचाएं।

- भीड़ से दूर रखें।

- उद्यान व बाजार आदि सार्वजनिक स्थानों में लेजाने से बचें।

- मौसमी बीमारी की चपेट में आने पर डाक्टरी परामर्श लें।

ये हैं मौसमी बीमारी के लक्षण

तेज बुखार, बलगम वाली खांसी, नाक बहना, कफ की वजह से आवाज भारी होना, भोजन न करना, बार-बार उल्टी होना, पेट साफ न होना।

Posted By: anil.kurrey