Railway Officer Suicide in Bilaspur: बिलासपुर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर छुट्टन लाल मीणा ने की आत्महत्या

Updated: | Tue, 03 Aug 2021 02:58 PM (IST)

बिलासपुर। Railway Officer Suicide in Bilaspur: रेल मंडल में पदस्थ सीनियर सेक्शन इंजीनियर छुट्टन लाल मीणा ने मंगलवार की सुबह मालगाड़ी के नीचे गला रखकर जान दे दी। इस घटना से रेलवे में हड़कंप मचा हुआ है। सूचना पर पहुंची जीआरपी को मृतक की जेब से सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उन्होंने यह लिखा है कि यह मैं अपनी मर्जी से कर रहा हूं। इसके लिए कोई दूसरा जिम्मेदार नहीं है। शव पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए स्वजनों को सौंप दिया गया।

घटना करीब सुबह 10 बजे उसलापुर रेलवे स्टेशन यार्ड के लाइन नंबर चार की है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर छुट्टन लाल (48) बिलासपुर में स्पेशल ड्यूटी पर थे। उनका घर उसलापुर स्टेशन के करीब है। घर से कुछ ही दूरी पर उन्होंने आत्महत्या की। इसे लाइन के किनारे से गुजर रहे कुछ लोगों ने देखा। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। आनन-फानन में स्टेशन स्टाफ समेत आरपीएफ घटना स्थल पर पहुंची। वे मृतक को पहचानते थे। लिहाजा इसकी जानकारी स्वजनों को दी गई।

वे भी पहुंच गए। मेमो मिलने के बाद जीआरपी भी पहुंची। शव देखने से पता चल रहा था कि मामला आत्महत्या का है। यही वजह है जीआरपी शव को लाइन से किनारे किया। इसके बाद जेब की तलाशी ली गई। इस दौरान सुसाइड नोट मिला। उसमें केवल यह लिखा था कि आत्महत्या अपनी मर्जी से कर रहा हूं, इसके लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

निलंबन के बाद थे तनाव में

बैकुंठपुर रोड व नगर रेलवे स्टेशन में कबाड़ नीलामी में हेराफेरी के आरोप में जुलाई 2020 में रेल प्रशासन ने उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की थी। इसके साथ ही उन्हें सेक्शन से हटाकर बिलासपुर कार्यालय में स्पेशल ड्यूटी में रखा गया था। ऐसा बताया जा रहा है कि निलंबन के बाद वे बेहद तनाव में थे। इसके चलते स्वास्थ्य भी ठीक नहीं था। मौत की वजह इसी को बताई जा रही है। हालांकि अभी जीआरपी थाने में स्वजनों का बयान नहीं हुआ है। इससे स्थिति स्पष्ट होगी।

सुबह की सैर के लिए निकले पर नहीं लौटे

स्वजनों की स्थिति को देखते हुए जीआरपी ने ज्यादा जानकारी नहीं ली। केवल उन्होंने इतना बताया कि रोज की तरह मंगलवार की सुबह भी वे सैर के लिए निकले थे। अमूमन आठ बजे तक लौट जाते थे। पर आज नहीं लौटे तो वे उन्हें ढूंढने के लिए निकले। तभी उन्हें इस घटना की जानकारी मिली।

अंतिम संस्कार करने स्वजन ले गए राजस्थान

मृतक मूलत: राजस्थान के जिला करौली तहसील नादौंती अंतर्गत ग्राम ढहरया के निवासी थे। स्वजनों ने उनका अंतिम संस्कार गृहग्राम में ही करने का निर्णय लिया। इस दौरान पोस्टमार्टम के बाद स्वजन निजी एंबुलेंस से शव को राजस्थान लेकर रवाना हो गए। इस दौरान बिलासपुर में समाज के कुछ सदस्य व रेलकर्मी बड़ी संख्या में मौजूद रहकर स्वजनों का सहयोग करते नजर आए।

पांच महीने से थे छुट्टी पर

रेलवे के अनुसार स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण पांच महीने से छुट्टी (सीक) पर थे। इस वजह से अधिकारी व कर्मचारियों के संपर्क में भी नहीं थे। जब इस घटना की जानकारी मिली तो सभी सकते में आ गए।

Posted By: anil.kurrey