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Bilaspur News: जनप्रतिनिधि बोल रहे रकबा कम हुआ, अधिकारी सुधार की दे रहे सलाह

Updated: | Sun, 29 Nov 2020 09:30 AM (IST)

बिलासपुर। Bilaspur News: समर्थन मूल्य पर एक दिसंबर से धान खरीदी होगी। टोकन वितरण करने का काम शुरू हो चुका है। गिरदावरी को लेकर शिकायतें आज भी सामने आ रही है।

जनप्रतिनिधि कम रकबा अंकित करने का आरोप लगा रहे है और जिम्मेदार अधिकारी सलाह दे रहे है कि गिरदावरी में त्रुटि सुधार का समय 30 नवंबर तक है। ज्यादातर शिकायत बलरामपुर जिले से सामने आ रही है। यहां सामान्य सभा की बैठक में भी यह मामला जोर-शोर से उठ चुका है।

धान खरीदी को लेकर बलरामपुर जिले को संवेदनशील माना जाता है। तीन राज्यों की सीमा से लगा होने के कारण ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल धान का बंपर पैदावार होने की संभवना के बीच गिरदावरी में कम रकबा अंकित करने को लेकर शिकायत थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस कार्य मे राजस्व विभाग के कुछ मैदानी कर्मचारियों पर मनमानी का भी आरोप लग रहा है। निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी किसानों के हित में इस मुद्दे को उठा रहे है लेकिन त्वरित पहल नहीं हो रही है। बलरामपुर जिला पंचायत की बैठक में भी कई किसानों का रकबा कम कर दिए जाने की शिकायत जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जाने पर उन्हें आश्वासन दे दिया गया कि ऐसे किसान संबधित तहसील कार्यालय में जाकर त्रुटि सुधार कर सकते है लेकिन बड़ा सवाल यह है कि एक दिसंबर से खरीदी शुरू होने वाली है अेसे मैं किसान समिति में धान बेचने की तैयारी करे या फिर त्रुटि सुधार के लिए कार्यालयों की दौड़ लगाए।बारदाने की कम उपलब्धता के बीच प्रतिकूल मौसम में धान को सुरक्षित रखना किसानों के लिए ज्यादा जरूरी है। कम अवधि कि धान की फसल पक चुकी है। अधिकांश किसानों ने कटाई और मिसाई भी पूरी कर ली है। सरगुजा अंचल में बेमौसम वारिश से किसान जल्दी से जल्दी धान बेचना चाह रहे है ताकि गुणवत्ता खराब न हो क्योंकि फिर धान बेचने में भी दित हो सकती है।

विधायक ने शिविर लगा तैयार किया था दस्तावेज

रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह को किसानों की समस्या के निराकरण के लिए पहल करनी पड़ी थी। उन्होंने रामानुजगंज में एक दिन शिविर लगाया था। धान का रकबा कम कर दिए जाने की किसानों की शिकायतों पर उन्होंने पूरा एक दिन किसानों के साथ बिताया था। गिरदावरी में धान का रकबा कम कर देने से संपूर्ण उपज नहीं बेच पाने की किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए उन्होंने ग्रामवार किसानों की सूची और रकबा प्रविष्टि कर अधिकारियों को सुधार के लिए प्रस्तुत किया था तब जाकर किसानों को राहत मिली थी।

कृषि स्थाई समिति के सदस्य ने ही उठाए सवाल-

बलरामपुर जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति के अध्यक्ष विनोद जायसवाल ने भी गिरदावरी में मनमानी किए जाने की शिकायत की है। जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक में उन्होंने कृषकों द्वारा धान खरीदी हेतु गिरदावरी होने के पश्चात भी पंजीयन में कम रकबा प्रविष्टि किए जाने की शिकायत की।

उन्होंने तर्कसंगत तरीके से मामला उठाया। इस पर खाद्य अधिकारी ने जानकारी दे दी कि कृषकों के रकबा एवं पंजीयन में होने वाले त्रुटि के सुधार हेतु शासन द्वारा 30 नवम्बर तक तिथि निर्धारित किया गया है तथा उक्त कार्य तहसील स्तर पर किया जाएगा। किसान तहसील कार्यालय जाकर त्रुटि सुधार करा सकते है।

किसान कर चुके है चक्काजाम

मनमाने तरीके से किसानों के धान का रकबा कम कर दिए जाने की शिकायत वाड्रफनगर ब्लाक से भी सामने आ चुकी है। यहां गिरदावरी में गड़बड़ी और धान का कम रकबा अंकित किए जाने से नाराज किसानों ने अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर बरतीकला के समीप चक्काजाम भी किया था। मौके पर एसडीएम को पहुंचना पड़ा था। किसानों के आरोपों को देखते हुए उन्होंने रकबा का नए सिरे से मिलान करा त्रुटि सुधार और वास्तविक रकबा दर्ज करने की पहल भी की थी।

पटवारी को करना पड़ा था निलंबित

जिला मुख्यालय बलरामपुर व आसपास के गांव में गिरदावरी में भी लापरवाही बरती गई थी। यहां पदस्थ पटवारी द्वारा तय समय में यह कार्य पूर्ण भी नहीं किया गया था। आधा-अधूरा कार्य कर किसानों के हितों की अनदेखी पर एसडीएम ने पटवारी को निलंबित कर दिया था।

आनन-फानन में नए सिरे से कर्मचारियों की डयूटी लगा धान रकबा और संभावित उत्पादन का रिकार्ड तैयार किया गया था। इन तमाम परिस्थितियों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी स्वयं पहल कर किसानों की समस्या को दूर करने की कोशिश न कर तहसील कार्यालय में त्रुटि सुधार हो जाने की जानकारी देकर पल्ला झाड़ रहे है।

Posted By: sandeep.yadav
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