हनुमत आराधना से होगा हिंदू राष्ट्र निर्माण का सपना साकार: झम्मन शास्त्री

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 03:33 PM (IST)

बिलासपुर। बल, बुद्धि, विद्या के प्रतिमूर्ति हैं हनुमान जी। जो भी श्रद्धापूर्वक उनकी आराधना करता है उसको ऐच्छिक फल की प्राप्ति होती है। सामूहिक हनुमत आराधना से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त कर हम सब हिंदू राष्ट्र के संकल्प को पूरा कर सकते हैं। ये बातें आचार्य झम्मन शास्त्री पीठपरिषद् राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेशाध्यक्ष छत्तीसगढ़ ने मुस्कान भवन, सरकंडा बिलासपुर में पीठपरिषद् आदित्य वाहिनी आनंद वाहिनी संगठन बिलासपुर द्वारा आयोजित क्षेत्रीय संगठनात्मक बैठक में कही।

मालूम हो कि ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वती महाभाग द्वारा आगामी तीन वर्षों में हिन्दू राष्ट्र की उद्घोषणा से उत्साहित सभी अनुयायी शिष्य, धर्मावलंबी भक्तजन इस अभियान में जुड़ने के लिए तत्पर हैं। पुरी शंकराचार्य द्वारा सनातन संस्कृति संरक्षणार्थ संस्थापित संगठन पीठपरिषद् आदित्य वाहिनी आनन्द वाहिनी सम्पूर्ण भारत में सामूहिक हनुमत आराधना से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त कर संगठित होकर हिन्दू राष्ट्र निर्माण हेतु जनजागरण अभियान संचालित कर रही है। इसी कड़ी में बिलासपुर इकाई द्वारा मुस्कान भवन सरकंडा में क्षेत्रीय स्तर पर सांगठनिक बैठक आयोजित की।

बैठक में बिलासपुर नगर को पांच क्षेत्रों में विभाजित कर युवा शक्ति की सक्रियता से प्रत्येक क्षेत्र में हनुमत आराधना द्वारा जनजागरण अभियान की योजना तैयार की गई। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए आचार्य शास्त्री ने कहा कि हम सबको शंकराचार्य महाभाग द्वारा प्रदत्त सूत्रात्मक शैली को अपनाकर अभियान को क्रियान्वित करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता के लिए सदस्यों के लिए चयन, प्रशिक्षण और नियोजन की आवश्यकता होती है। सफल अभियान एक साथ नभोमार्ग, भूमार्ग एवं भूगर्भ मार्ग से संचालित होता है, इसका तात्पर्य है कि सद्भाव पूर्ण संवाद, सेवा प्रकल्प एवं सांगठनिक सेना की सहायता से स्वस्थ नीति से अभियान संचालित होने पर सफलता निश्चित है।

हमें गुरुदेव भगवान के प्रत्येक हिन्दू परिवार से एक रुपया आर्थिक सहयोग व एक घंटा श्रमदान के महत्व को आमजन तक पहुंचाना है और इसका उपयोग उस क्षेत्र को ही सुबुद्ध, स्वावलंबी बनाने में किया जाना है। हमारे मठ मंदिरों को शिक्षा, रक्षा, सेवा, संस्कृति, धर्म और मोक्ष के केंद्र के रूप में स्थापित करना है तभी हिंदू राष्ट्र निर्माण का संकल्प पूरा होगा तथा सनातन संविधान के अनुरूप देश में शासन व्यवस्था संचालित होगी।

इस अवसर पर बिलासपुर के विभिन्न जोन से पीठपरिषद, आनंद वाहिनी एवं युवा शक्ति के रूप में आदित्य वाहिनी के सदस्य उपस्थित रहे। साथ ही चाम्पा एवं रायगढ़ के संगठन के प्रतिनिधियों ने भी इस बैठक में सहभागिता की।

Posted By: sandeep.yadav