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Bilaspur News: कोरबा में चावल भंडारण के लिए पर्याप्त गोदाम फिर भी केंद्रों से नहीं उठ रहा धान

Updated: | Mon, 18 Jan 2021 11:00 AM (IST)

बिलासपुर। Bilaspur News: जिले में धान की खरीदी 10 लाख क्विंटल के करीब पहुंच गई है। 49 उपार्जन केंद्रों से अब तक नौ लाख 85 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जितनी मात्रा में खरीदी हो रही है उसके मुकाबले धान का उठाव नहीं हो रहा। चावल रखने के लिए जिले में पर्याप्त गोदाम हैं। मिलिंग के लिए 72 मिलर्स से अनुबंध किया गया है, जो पर्याप्त नहीं है। रकबा और किसानों की संख्या में बढ़ोतरी के बाद भी मिलर्स की संख्या नहीं बढ़ाने से उपार्जन केंद्रों में 3.70 लाख क्विंटल धान जाम होगा है।

जिले में पहले चावल रखने के लिए के गोदाम की कमी के कारण धान का उठाव नहीं होता था। अब छुरी, पाली में 72 हजार क्विंटल धान रखने के लिए गोदाम का निर्माण हो चुका है, फिर भी उपार्जन केंद्र में धान जाम है। धान खरीदी को व्यवस्थित करने के लिए समिति और उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है।

इससे धान बेचने वाले किसानों की संख्या 27148 से बढ़कर 32590 हो गई। साथ ही रकबा 42634 हेक्टेयर से बढ़कर 48324 हो गया। रकबा बढ़ने के लिहाज से मिलर्स की भी संख्या बढ़ाया जाना चाहिए था, जिससे मिलिंग शीघ्रता से हो सके।

बीते वर्ष 72 मिलर्स को मिलिंग के लिए अनुबंधित किया गया था। यह संख्या इस वर्ष भी यथावत है। सभी मिलर्स के गोदाम धान से भरे हैं। उपार्जन केंद्र में धान की आवक के विपरीत पर्याप्त मिलिंग नहीं हो रही है, इस वजह से धान जाम होने लगा है।

खरीदी के लिए केवल नौ दिन शेष

शनिवार, रविवार और अवकाश के दिन को छोड़ दिया जाए तो धान खरीदी के लिए केवल नौ दिन शेष रह गए हैं। अब भी 12147 किसान धान नही बेच पाए हैं। 12.50 लाख उपार्जन लक्ष्य लेकर तैयारी की गई है।बिक्री के लिए शेष किसानों की संख्या को देखते हुए बारदानों की समस्या होने की संभावना बढ़ गई है। कमी को पूरा करने के लिए पीडीएस दुकानों से आपूर्ति की जा रही है। शक्कर के प्लास्टिक बारदानों का भी धान रखने के लिए उपयोग किया जा रहा है।

लिंक फेल, साफ्टवेयर में आई खराबी

आनलाइन साफ्टेवयर में आई खराबी के चलते धान उपार्जन केंद्रों का सही मानिटिरिंग नहीं हो रहा है। धान खरीदी का कार्य विपणन, सहकारी बैंक, नागरिक आपूर्ति और खाद्य विभाग के संयुक्त सहयोग से होता है। आनलाइन साफ्टवेयर लिंकअप से सभी विभाग अपने दायित्व ,जैसे बारदानों की कमी, उठाव की समस्या, किसानों को अपडेट भुगतान में आने वाली समस्या का निवारण करते हैं। पिछले सप्ताह भर से लिंक फेल होने से विभागों को उपार्जन केंद्रों की जानकारी नहीं मिल रही है व साफ्टवेयर में आई खराबी का सही निरीक्षण भी नहीं हो रहा। इसकी वजह से भी उठाव प्रभावित हुआ है।

खरीदी लिमिट में नहीं सुधार

उपार्जन केंद्र में धान बेचने के लिए एक दिन में 1500 लिमिट किए जाने से किसानों को टोकन कटाने में परेशानी हो रही है। इधर धान बेचने के लिए सीमित दिन ही शेष रह गए हैं। ऐसे में जिन किसानों ने अभी तक एक क्विंटल भी धान नहीं बेचा है ,उन्हें भी खाता फ्रीज होने का भय सता रहा है। इधर उपार्जन केंद्र में धान की आवक बढ़ने से धान रखने की जगह कम पड़ रही है। उठाव में प्रगति नहीं आने के कारण भी किसानों को धान बेचने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

फैक्ट फाइल

धान उपार्जन केंद्र 49

समितियों की संख्या 42

धान बिक्री के लिए शेष किसान 12147

धान बिक्री कर चुके किसान 20443

अब तक हुई धान खरीदी 9.85 लाख क्विंटल

उपार्जन केंद्रों में शेष 3.70 क्विंटल

Posted By: sandeep.yadav
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