Women Empowerment : गांव में नजर आएगी महिला सशक्तीकरण की चमकदार तस्वीर

Updated: | Sat, 25 Sep 2021 07:00 AM (IST)

राधाकिशन शर्मा. बिलासपुर। Women Empowerment : महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना अब साकार होती दिखाई देगी। गांव की महिलाएं कुटीर उद्योग का संचालन करती भी नजर आएंगी। केंद्र सरकार की ग्रामीण स्वरोजगार योजना के तहत प्रथम चरण में 30 महिलाओं को प्रशिक्षण मिलेगा। फास्ट फूड के साथ-साथ मोमबत्ती व अगरबत्ती बनाना सिखाया जाएगा। इसके बाद इन महिलाओं के उत्पाद को बाजार मुहैया कराया जाएगा।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रामीण स्वरोजगार योजना के तहत महिलाओं को गांव में ही काम देने के लिए बड़ी पहल की गई है। महिलाओं को प्रशिक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली है। गांव की प्रशिक्षित महिला अन्य महिलाओं को रोजगार देंगी और साथ ही प्रशिक्षित भी करेंगी। यह उनकी जिम्मेदारी होगी। प्रशिक्षण के बाद कुटीर उद्योग स्थापित करने के लिए बैंक द्वारा कर्ज दिया जाएगा। उद्योग स्थापित करने में उद्योग विभाग के अधिकारी मदद करेंगे। उत्पाद के निर्माण के बाद बाजार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

प्रति महीने कम से कम पांच हजार आय

स्वरोजगार योजना से जुड़ने वाली महिलाओं को प्रति महीने कम से कम पांच हजार रुपये आर्थिक आय हो, इस उद्देश्य से प्रशिक्षित किया जाएगा। केंद्र के नीति निर्धारकों का मानना है कि परिवार के पुरुष सदस्यों की आय से अलग महिलाओं को प्रति माह इतनी आमदनी होती तो परिवार ठीक से चलेगा। बच्चों की पढ़ाई भी सुचारू रूप से होगी।

केंद्र सरकार की ग्रामीण स्वरोजगार योजना के तहत प्रथम चरण में कोनी स्थित स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में 30 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। कुटीर उद्योग के संचालन के लिए बैंक से कर्ज के बाद उद्योग स्थापित करने में भी मदद की जाएगी। उत्पाद निर्माण के बाद बाजार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है।

- डा. सारांश मित्तर, कलेक्टर, बिलासपुर

Posted By: Yogeshwar Sharma