नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बने 10 नाइट लैंडिंग हेलीपैड, आठ और बनेगा

Updated: | Wed, 01 Dec 2021 06:48 PM (IST)

रीतेश पांडेय, जगदलपुर। बस्तर संभाग के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित क्षेत्र में 18 नाइट लैंडिंग हेलीपैड का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाना है। इनमें से 10 हेलीपैड का निर्माण पूरा किया जा चुका है। बाकी के आठ हेलीपैड के लिए विभाग ने तीन हेलीपैड तकनीकी व सुरक्षा कारणों से निरस्त कर दिया हैं। वहीं तीन का स्थल समतल नहीं पाया गया है। प्रस्तावित दो हेलीपैड का जगह परिवर्तन किया गया है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार बस्तर में कई चुनावों के दौरान हुई नक्सल हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं। इस लिहाज से चुनाव आयोग ने राज्य शासन को निर्देशित किया है कि पहुंच विहीन और नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाकों में नाइट लैंडिंग की सुविधा के साथ हेलीपैड तैयार किए जाएं ताकि चुनावों के दौरान मतदान दलों को सुरक्षित लाया- ले जाया सके। इन क्षेत्रों में नक्सल हिंसा में घायल होने वाले जवानों तक तत्काल मदद पहुंचाए जाने में भी हेलीपैड मददगार साबित होंगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग की ओर से 21 लाख 22 हजार रुपये की लागत से तैयार किए जाने वाले एक हेलीपेड के लिए जमीन प्रशासन उपलब्ध करवा रहा है। इसके बाद पुलिस अधिकारियों के द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया है। आवश्यक होने पर सुरक्षा कारणों से जगह परिवर्तन भी किया जा रहा है। ज्ञात हो कि नक्सल प्रभावित बस्तर के सात जिलों में से कुछ ही जगहों पर हेलीपैड की सहूलियत है। इस लिहाज से लंबे समय से यह जरूरत महसूस की जा रही थी कि धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में भी यदि हेलीपैड तैयार हो जाते हैं तो इसका लाभ प्रशासन को मिलेगा।

वहीं नक्सल प्रभावित भीतरी इलाकों में हेलीपैड का निर्माण होने पर मुठभेड़ में घायल होने वाले जवानों को एयर लिफ्ट करने में भी आसानी होगी। साथ ही नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों को कम समय में रसद आपूर्ति में भी मदद मिलेगी। बस्तर के सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में सुरक्षा बलों के ऐसे कई कैंप हैं, जहां पहुंचना मुश्किल है। हेलीपेड की उपलब्धता हो जाने के बाद सुरक्षा बलों को सामरिक रूप से लाभ मिलेगा।

इन स्थानों में बने हेलीपैड

संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में से अंतागढ़, बारसूर, कटेकल्याण, सिंगारभाट, जगरगुंडा, ईलरामड़गू, कुन्नाा, कोलेंग आदि 10 नाइट लैंडिंग हेलीपेड पूर्ण हो गए हैं। साथ ही कोयलीबंड़ा, आमाबेड़ा, फरसेगढ़ में हेलीपेड निरस्त किए गए हैं जबकि मिरतुर, गंगालूर, इलमिड़ी में हेलीपैड का कार्य जारी है।

दोबारा निविदा जारी की जाएगी

जिन जगहों के नाइट लैंडिंग हेलीपैड के निर्माण कार्य के अनुबंध निरस्त किए गए हैं, उनकी जानकारी मुख्यालय को भेजी गई है। इसके बाद दोबारा निविदा जारी की जाएगी। वहीं जहां पर जमीन समतल नहीं मिली है इसकी सूचना भी पुलिस एवं एयर फोर्स को दी गई है। जमीन तय होने के बाद शेष हेलीपैड का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

-जीआर रावटेश, चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी

Posted By: Ravindra Thengdi