रेडी टू ईट फूड पर गरमाने लगी राजनीति, अब बाफना कूदे मैदान में

Updated: | Mon, 29 Nov 2021 12:17 AM (IST)

जगदलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरक पोषण आहार योजना के अंतर्गत रेडी टू ईट फूड के उत्पादन और वितरण का कार्य महिला स्वसहायता समूहों से वापस लेने के राज्य सरकार के फैसले पर भाजपा आक्रमक हो गई है। शनिवार को आड़ावाल सहित नगरनार न नानगूर तथा शहर के महिला स्वसहायता समूहों से जुड़ी सदस्य महिलाओं को साथ लेकर भाजपा नेत्रियां सुधा मिश्रा के नेतृत्व में सदस्यों को साथ लेकर फैसले के विरोध की अगुवाई करते हुए मोर्चा खोल कर कलेक्टोरेट पहुंची थी।

इधर रविवार को जगदलपुर के पूर्व भाजपा विधायक संतोष बाफना ने भी मोर्चा खोल दिया। बयान जारी कर बाफना ने महिला समूहों से रेडी टू ईट फूड बनाने और वितरण का काम वापस लेने की आलोचना करते हुए फैसले को रोजगार छीनने वाला कदम बताया। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा गया है। बयान में भाजपा नेता ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह जो आज नारी सशक्तिकरण के रूप में अपनी सक्रियता से सामाजिक और आर्थिक विकास कर रहे हैं को बड़ा धक्का लगने वाला है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पूर्व भाजपा सरकार द्वारा प्रारंभ की गई योजना के क्रियान्वयन में बदलाव कर प्रदेश सरकार द्वारा अगले साल फरवरी से रेडी टू ईट फूड बनाकर वितरण करने का काम बीज विकास निगम को देने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 30 हजार महिला स्वसहायता समूहों से जुड़ी तीन लाख महिलाओं के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा होगा। सरकार ने इस योजना को संचालित करने के लिए स्वचलित संयंत्र स्थापित करके इसका निर्माण करने की बात कहीं है जो कहीं न कहीं इस कार्य में ठेकेदारी व्यवस्था को शुरू करने का साफ इशारा है।

केवल गुणवत्ता में कमी बताकर महिला सदस्यों ने उनका रोजगार छीनना व पूरी व्यवस्था को बदलकर ठेकेदारी प्रथा को सामने लाना उचित नहीं है। बाफना ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में रेडी टू ईट फूड का उत्पादन कर वितरण की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों के पास ही रहने देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अपना फैसला वापस नहीं लेने पर भाजपा महिला स्वसहायता समूह की महिला सदस्यों के साथ मिलकर सड़क पर आकर आंदोलन करेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network