Janjgir News: राजगीत अरपा पैरी के धार गाकर इंटरनेट मीडिया में छाए दृष्टिबाधित दिव्यांग धर्मेश

Updated: | Sun, 28 Nov 2021 11:23 AM (IST)

जांजगीर-चांपा Janjgir News:। अभाव और अक्षमताओं को परास्त कर व्यक्ति अपनी जज्बा और प्रतिभा से अपनी पहचान बनाते हैं। ऐसे लोगों का साहस और जज्बा लोगों को प्रेरणा देता है। वे अपनी कमियों और कमजोरियों को पीछे छोडकर अपनी अन्य प्रतिभा को सामने लाकर सफलता प्राप्त करते हैं। ऐसी प्रतिभाओं को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से भी प्रोत्साहन मिल रहा है और उनकी प्रतिभा की लाखों लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।

जांजगीर-चांपा जिले की जनपद पंचायत सक्ती के ग्राम जाजंग निवासी जन्म से दृष्टिबाधित धर्मेश दास महंत ने गायकी के क्षेत्र में अपनी पहचान बनायी है। छत्तीसगढ़ के राजगीत ‘अरपा पैरी के धार‘ के सुमधुर गायन और स्पष्ट उच्चारण को इंटरनेट मीडिया पर लाखों लोगों की सराहना मिली है। वे अपना पूरा परिचय अंग्रेजी भाषा में बखूबी देते है। एनजीओ द्वारा संचालित विशेष विद्यालय सक्ती में धर्मेश कक्षा 5वीं के छात्र हैं। वे स्कूल तथा गांवों में आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़े उत्साह से भाग लेते है।

समाज कल्याण विभाग के उप संचालक टी पी भावे ने बताया कि धर्मेश को विभाग की योजनाओं के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है। पठन-पाठन के लिए ब्रेलकीट, सुगमता से चलने के लिए स्मार्ट केन छड़ी निशशुल्क उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा निःशुल्क शिक्षण और प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की गई है।

खेती करते हैं माता पिता:

धर्मेश के माता पिता ग्राम जाजंग में खेती करते हैं वे सामान्य किसान हैं । वे चाहते हैं कि उनका बेटा पढ़ लिखकर अधिकारी बने और गांव व क्षेत्र का नाम रोशन करे। धर्मेश ने बताया कि उसे गीत संगीत में भी रुचि है। वह स्कूल के अलावा गांव में आयोजित कार्यक्रम में भी भाग लेते हैं।

Posted By: Yogeshwar Sharma