कोरबा के गोमुखी सेवाधाम को मध्‍य प्रदेश में मिलेगा राष्ट्रीय नानाजी देशमुख सम्मान

भोपाल के रविंद्र भवन में 26 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में सम्मान होगा।

Updated: | Wed, 26 Jan 2022 01:28 AM (IST)

कोरबा। विशेष संरक्षित पिछड़ी जनजाति वर्ग के कोरवा, बिरहोर व पंडो आदिवासियों की जीवन शैली में व्यापक बदलाव लाने व उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था गोमुखी सेवाधाम को राष्ट्रीय नानाजी देशमुख सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की यह संस्था सुदूर वनांचल देवपहरी समेत 40 गांव के आदिवासियों को साक्षर कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रही है।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से करीब 60 किलोमीटर दूर बसा छोटे से गांव देवपहरी में वर्ष 2000 में आरएसएस के कर्ताधर्ताओं ने गोमुखी सेवाधाम की नींव रखी, उस वक्त वहां पहुंचना अत्यंत कठिन था। इसके लिए तीन घाटियों को पार करना पड़ता था। सड़क थी और न ही बिजली की सुविधा। यहां रहने वाले आदिवासियों को अस्वस्थ्य होने पर जिला मुख्यालय कोरबा जाना पड़ता था। बच्चों के लिए स्कूल की भी व्यवस्था नहीं थी। 20 एकड़ में स्थित गोमुखी सेवाधाम परिसर में वर्तमान में 10 बिस्तरों का अस्पताल संचालित है। प्राथमिक से हायर सेकेंड्री तक स्कूल में 1000 बच्चे शिक्षा ले रहे। 250 जरूरतमंद आदिवासी बच्चों को छात्रावास में रहने की सुविधा प्रदान कर शिक्षा दी जा रही। न केवल यहां बच्चों को शिक्षा दी जा रही है, बल्कि कोरवा आदिवासियों को भी साक्षर किया जा रहा। इस संस्था के माध्यम से साक्षर हुए चिरइझुंझ निवासी कोरवा रामसिंह 44 वर्ष ने कक्षा 12 वीं तक पढ़ाई की और वर्तमान में शासकीय माध्यमिक विद्यालय में भृत्य के पद पर सरकारी नौकरी कर रहा। ज्ञानिक राठिया ने भी यहां से पढ़ाई की और अब मेकेनिकल इंजीनियर हैं। यही नहीं ऐसे कई आदिवासी हैं, जिनके जीवन में शिक्षा की ज्योत जली है और वे अब अच्छी जगह रोजगार कर रहे। यहां संचालित प्रशिक्षण केंद्र में आदिवासियों को उन्नाात खेती के गुर सिखाए जा रहे। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ इस परिसर में हिंदू धर्म की अलख जगाई जा रही। यहां स्थापित मां दुर्गा के मंदिर में भोग भंडारे का बड़ा आयोजन किया जाता है। संस्था के सचिव गोपाल अग्रवाल ने बताया कि वे अपनी संस्था के लिए सरकारी अनुदान नहीं लेते। आम लोगों सेे मिलने वाली सहयोग राशि से ही संचालन किया जा रहा।

क्या है नानाजी देशमुख सम्मान

सामाजिक व सांस्कृतिक समरसता उत्थान के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्थाओं को मध्य प्रदेश सरकार राष्ट्रीय नानाजी देशमुख सम्मान से सम्मानित करती है। हर साल पूरे देश भर के संस्थानों में किसी एक का चयन किया जाता है। वर्ष 2020 के लिए गोमुखी सेवाधाम देवपहरी का चयन किया गया। कोरोना काल की वजह से यह सम्मान नहीं दिया जा सका था। इस बार भोपाल के रविंद्र भवन में 26 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा। सम्मान में दो लाख रुपये नगद, सम्मान पट्टिका, शाल व श्रीफल प्रदान किया जाएगा।

21 साल से कर रहे ग्रामीणों का इलाज

हर चिकित्सक का शहर में प्रेक्टिस करने का सपना होता है, पर यहां संचालित धन्वंतरि चिकित्सालय में डा देवाशीष मिश्रा पिछले 21 साल से देवपहरी गोमुखी सेवाधाम में रह कर बीहड़ क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों का इलाज कर रहे हैं। खाट पर डाल कर मरीजों को अस्पताल ले जाना पड़ता था, पर यहां अब 24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई गई। निश्शुल्क जांच के साथ दवाएं भी ग्रामीणों को प्रदान की जाती है। इससे कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आई, साथ ही जच्चा बच्चा मृत्यु दर भी घटा। ऐसे सेवाभावी चिकित्सक डा मिश्रा को आज भोपाल में नाना देशमुख सम्मान प्रदान किया जाएगा।

Posted By: Yogeshwar Sharma