गौठान में लाखों रुपये खर्च, फिर भी मवेशी एक भी नहीं

भेंट- मुलाकात में लोगों से समस्याओें के बारे में जानकारी ली।

Updated: | Tue, 05 Jul 2022 11:56 PM (IST)

कंचनपुर। बिलासपुर जिले के कोटा ब्लाक के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के महत्वाकांक्षी गौठान योजना का हाल बेहाल है। ज्यादातर गौठान की उपयोगिता और गुणवत्ता दोनों शून्य है। कोटा ब्लॉक के आदर्श गौठान ही बदहाल है तो फिर अन्य पंचायतों में बने गौठानों की बात क्या करे।

सरकार ने अपने इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गांव गांव में गौठान का निर्माण अच्छे मानसिकता से किया ताकि गांव के मवेशियों को एक ही स्थान पर सुरक्षित रखा जा सके उन्हें चारा उपलब्ध कराई जा सके और उनका देखभाल भी हो। इसके लिए करोड़ों रुपये गौठान निर्माण के नाम पर खर्च किए गए। कोटा ब्लाक के ग्राम पंचायत खैरा,मोहदा, बारीडीह, कंचनपुर,दारसागर ,बानाबेल में गौठान बनाये गये लेकिन गौठान बनाने का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो सका है। निर्माण एजेंसियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों ने शासन की इस महत्वाकांक्षी योजनाओं को अपने पाकेट भरने की योजना बनाकर रख दिया। अधिकतर गौठान तो खाली है लाखों खर्च कर गौठान तो बना दिए गए हैं लेकिन गौठानों में एक भी मवेशी नही है। पंचायत प्रतिनिधि भी इस दिशा में ध्यान नही देते हैं कि अपने गांव क्षेत्र में बनाये गये गौठानों में गाँव क्षेत्र के मवेशियों को ले जाकर रखा जाये जहां उन्हें चारा पानी मिल सके लापरवाही के कारण ही लाखों खर्च करने के बाद भी गांव के गौठान सूने पडे है सिर्फ गोठान का बोर्ड लगा हुआ है और अंदर एक भी मवेशी नहीं है। साथ ही दारसागर बारीडीह, मोहदा के गौठान में मवेशियों के पीने के लिए बनाये गए पानी टंकी भी जर्जर हो चुका हैं जो सही है उसमें बारिश का पानी भरा है जिसमें मेंढक व काई है यही कारण है कि न तो गौठान निर्माण में गुणवत्ता का ख्याल रखा गया और न ही स्थल चयन का गांव के ग्रामीण अब ऐसे गौठानो में अपने पशुओं को नहीं लाते हैं।

मुख्यमंत्री के आने की चर्चा, गौठान चकाचक

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटा के कंचनपुर में आदर्श गौठान में मुख्यमंत्री के आने की चर्चा अधिकारियों द्वारा की जा रही हैं इसे देखते हुए गौठान को पूरी तरह से तैयार की ली है लेकिन बाकी गौठान की हालत खराब है। इस संबंध ग्रामीण इमरान ने बताया कि में गौठानों की हालत देखकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि पैसों का कैसे बंदरबाट हुआ होगा जब भी कोई अधिकारी या नेता गौठान देखने आते हैं तो उनके आने से पहले गौठान को तैयार किया जाता है। मवेशी लाकर बांधे जाते हैं और कुछ ग्रामीणों को भी वहां उपस्थित रखा जाता है ताकि सब कुछ देखने वालों को बेहतर नजर आए।

अभी मवेशियों बाहर घूम रहे हैं बरसात शुरू होते ही मवेशियों मालिकों के द्वारा पकड़ कर लाया जायेगा ,जिस गौठान में पानी टंकी जर्जर हैं उसे देखवाता हूँ उसमे सुधार किया जायेगा।

- हरिओम द्विवेदी सीईओ जनपद पंचायत कोटा

Posted By: Yogeshwar Sharma
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