रायपुर एनआइटी में वर्चुअल हुआ 12वां दीक्षांत समारोह

Updated: | Wed, 01 Dec 2021 05:39 PM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में एक दिसंबर को संस्थान के 12वां दीक्षांत समारोह कोविड -19 के कारण वर्चुअल किया गया था। इंजीनियरिंग स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी छात्रों ने अपनी डिग्री प्राप्त की और संबंधित मेधावी छात्रों को पदक भी वितरित किए गए। 832 स्नातकों, 222 पोस्ट ग्रेजुएट्स और 75 पीएचडी सहित कुल 1129 छात्रों को डिग्री के साथ सम्मानित किया गया। जिसमें 28 स्वर्ण और 23 रजत पदक सहित कुल 51 पदक वितरित किए गए। बीटेक की ओवरआल टापर कंप्यूटर साइंस की हर्षिता रहीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इसरो के चीफ डा के. सिवन थे।

कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक डा. एएम रावाणी के नेतृत्व में एक शोभायात्रा से हुई। जिसमें डीन अकादमिक डा. श्रीश वर्मा, कुलसचिव डा. आरिफ खान, बोर्ड आफ गवर्नरस, सीनेट सदस्य और महत्व के अन्य अधिकारी शामिल थे। इसके बाद राष्ट्र गीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। आधिकारिक तौर पर दीक्षांत समारोह की शुरुआत एनआइटी रायपुर के निदेशक डा. एएम रावाणी ने की।

निदेशक डा. एएम रावाणी ने मुख्य अतिथि इसरो के अध्यक्ष डा. के शिवन का स्वागत किया। उन्होंने दर्शकों को एरोनाटिक्स के क्षेत्र में अदम्य डा. शिवन की शानदार उपलब्धियों और उनके नेतृत्व में भारत की अंतरिक्ष यात्रा में तेजी से परिवर्तन से अवगत कराया। उन्होंने वर्ष 2021 में एनआइटी रायपुर की कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों को साझा किया । उन्होंने बताया कि शैक्षणिक लचीलेपन, अनुसंधान, शिक्षण केंद्रित एप्रोच और इनोवेशन में संस्थान के विज़न पर जोर देने के लिए पाठ्यक्रम में विभिन्न परिवर्तन किए गए । 'विजन 2030' भी तैयार किया गया है जो काफी हद तक एनईपी 2020 के साथ संरेखित है।

उन्होंने कहा शैक्षणिक सत्र 2020-21 में, सभी पाठ्यक्रमों (बीटेक, बीआर्क, एमटेक, एमसीए और पीएचडी) में कुल 5104 छात्र संस्थान में अपनी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही फाइनल ईयर के छात्रों के लिए कुल 102 कंपनियों ने कैंपस प्लेसमेंट में आई। जिसमें 463 यूजी और 58 पीजी के छात्रों का चयन किया गया है। उन्होंने संस्थान के छात्रों और शिक्षकों को मिले सम्मान को साझा किया। कुल 1129 छात्रों ने वस्तुतः डिग्री प्राप्त की। अंत में, उन्होंने सभी छात्रों के उज्ज्वल और सफल भविष्य और आगे के सुखद जीवन की कामना की।

डा. सिवन ने कहा कि स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर्स और एकेडेमिया की तिकड़ी आत्मनिर्भर भारत को आकार देने में प्रमुख भूमिका निभाती है। हमारे निर्माण, अनुसंधान और विकास को मजबूत करने के लिए भारी निवेश, क्रांतिकारी इनोवेशन और तकनीकी क्षमता का निर्माण महत्वपूर्ण है। अर्थव्यवस्था को संचालित करने के लिए इनोवेशन हमारा मंत्र होना चाहिए। कहा जिन मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है वे हैं एयरोस्पेस, रक्षा, साइबर सुरक्षा और आइटी एवं अन्य।

इसके बाद पीएचडी प्राप्तकर्ताओं को उनकी डिग्री से सम्मानित किया गया। इसके बाद एमटेक फिर, बीआर्क एवं बीटेक डिग्री के स्नातक को सम्मानित किया गया। पदक वितरण कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की हर्षिता शर्मा को बैच 2021 के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, 51 अन्य छात्रों (28 स्वर्ण और 23 रजत) को उनकी संबंधित शाखाओं में उनके प्रदर्शन के लिए पदक से सम्मानित किया गया।

Posted By: Ravindra Thengdi