रायपुर शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर लाल के साथ 140 तीर्थयात्री पाकिस्तान गए

Updated: | Sat, 04 Dec 2021 12:20 PM (IST)

रायपुर ( नईदुनिया प्रतिनिधि)। भारत-पाकिस्तान के बीच प्रोटोकाल एग्रीमेंट के तहत हर साल राजधानी रायपुर के शदाणी दरबार के नेतृत्व में श्रद्धालु पाकिस्तान, सिंध के तीर्थों की यात्रा करने जाते हैं। इस साल भी देशभर से 140 तीर्थयात्रियों का जत्था जा रहा है। शुक्रवार को संत युधिष्ठिरलाल के सान्निध्य में राजधानी से श्रद्धालु रवाना हुए। सिंधी समाज के लोगों ने रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर उनका का स्वागत किया गया।

संत युधिष्ठिरलाल ने कहा कि भारत की महान सभ्यता हिंदुस्तान का झंडा सदैव ऊंचा रहेगा। हमारा देश गुरुओं का देश है और गुरु जहां भी जाते हैं, वहां प्रेम की शिक्षा, सद्भावना और एकता का संदेश देते हैं। संत शदाराम साहिब का 313 वां जन्मोत्सव सिंध (पाकिस्तान) के मूल तीर्थ हयात पिताफी में मनाया जाएगा। इस मौके पर धर्म का ध्वज फहराया जाएगा। साथ ही विवाह संस्कार, मुंडन संस्कार, जनेऊ संस्कार भी संपन्न होंगे।

3 दिसंबर, शुक्रवार की शाम शदाणी दरबार के संतश्री माना एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुए। वे 4 दिसंबर को अमृतसर से अटारी वाघा बार्डर पैदल पार करके पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश किया। बार्डर पर पाकिस्तान के अधिकारी और सिंधी समाज के लोग स्वागत किया। 5 से 7 दिसंबर तक वे हयात पिताफी शदाणी दरबार के विविध आयोजन में शामिल होंगे। 8 दिसंबर को खानपुर माहर और 9 दिसंबर को माथेलो तथा 10 दिसंबर को घोटकी, साधुबेला सुक्खर, 11 दिसंबर को दहारवी के धार्मिक आयोजन में शामिल होंगे।

12 और 13 दिसंबर को मीरपुर माथेलो में सत्संग करेंगे। इसके बाद 14 दिसंबर को मुल्तान, ननकाना साहिब, प्रहलादपुरी जाएंगे। 15 दिसंबर को वे लाहौर से वाघा बार्डर पैदल पार करके अमृतसर लौटेंगे। अगले दिन विमान से दिल्ली होते हुए राजधानी पहुंचेंगे।

पांच राज्यों के 140 यात्री

युधिष्ठिर लाल के साथ पांच राज्यों के 140 यात्री भी जा रहे हैं। मुंबई, नागपुर, अहमदाबाद, दिल्ली, पुना, जयपुर, राजकोट, इंदौर, भोपाल के यात्री शामिल हैं। इनमें 102 पुरुष, 34 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल हैं।

Posted By: Ravindra Thengdi