छत्‍तीसगढ़ में पर्यावरण क्लीयरेंस देने को प्राधिकरण गठित, अध्यक्ष और सदस्य नियुक्त

Updated: | Wed, 01 Dec 2021 05:05 PM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के परामर्श के बाद प्रदेश में आवास ओर उद्योग लगाने से पहले इनवायरमेंट(पर्यावरण) क्लीयरेंस देने के लिए राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआइएए) और राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति(एसईएसी) का गठन किया है। प्राधिकरण और समिति का अस्तित्व अगले तीन सालों तक रहेगा। प्राधिकरण की अवधि खत्म होने के कारण दो महीने से प्रदेश में पर्यावरण संबंधी क्लीयरेंस के लिए दिक्कत हो रही थी।

ऐसे में राज्य सरकार के विशेष प्रयास के बाद यह अस्तित्व में आ गया है। प्रदेश में खनन कार्य अधिकता में होने के कारण यहां इस प्राधिकरण और समिति का विशेष महत्व है। इसके अलावा निर्माण कार्य में हाउसिंग के बड़े प्रोजेक्ट के साथ ही बी केटेगरी के उद्योगों के प्रोजेक्ट लगाने, राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण से पहले इस प्राधिकरण की मंजूरी आवश्यक होती है।

राज्य सरकार के परामर्श के आधार पर विभिन्न पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ में राज्य स्तर पर पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण का गठन किया गया है जिसमें सेवानिवृत्त आइएएस अफसर देवाशीष दास को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा सदस्यों में नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय रायपुर के रसायन शास्त्र के प्रोफेसर डा. दीपक सिन्हा और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड के सदस्य सचिव आरपी तिवारी को सदस्य बनाया गया है।

प्राधिकरण के अध्यक्ष और सदस्य की समय अवधि तीन वर्ष के लिए होगी। बतादें कि इस प्राधिकरण में रसायन शास्त्र के प्रोफेसर डा. दीपक सिन्हा हैं जो कि पहले एसईएसी में दो बार सदस्य रह चुके हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार के सकारात्मक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए डा. सिन्हा के बेहतर सुझाव और सरकार के प्रति सकारात्मक रुख के कारण इन्हें प्राधिकरण में भी जगह मिली है।

मूल्यांकन समिति में इनका चयन

राज्य सरकार के परामर्श से राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति(एसईएसी) का गठन किया गया है जिसमें भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अफसर डा. बीपी नानहरे अध्यक्ष और सदस्यों में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के डा. मनोज कुमार चोपकर, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता महानदी परियोजना रायपुर के किशन सिंह ध्रुव, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के जैव प्राद्योगिकी विभाग के प्रोफेसर डा. शैलेश कुमार जाधव, एनके चंद्रिका, डा. मोहम्मद रफीक खान और उप सचिव आवास व पर्यावरण विभाग छत्तीसगढ़ सरकार सदस्य सचिव होंगे। इनकी समय अवधि भी तीन साल के लिए होगी।

जून 2021 में खत्म हो गई थी अवधि

इनवायरमेंट क्लीयरेंस देने के लिए केंद्र सरकार हर राज्य में राज्य सरकार के परामर्श से एसईएसी और एसईआइएए गठित करती है। यह प्राधिकरण तीन साल के लिए बनाया जाता है। जून 2021 में इन दोनों का कार्यकाल पूरा हो गया था। फिर तीन महीने के लिए अवधि बढ़ाई गई थी। राज्य सरकार के विशेष प्रयास के बाद भारत सरकार ने गजट नोटिफिकेशन करके प्राधिकरण में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति कर दी।

बतादें कि पहली बार समिति और प्राधिकरण 2008 में गठित किया गया था। इसके बाद 2011, 2015 और 2018 में गठित हुआ था।

Posted By: Kadir Khan