तीन साल से मकान के आधिपत्य के लिए भटक रहे हितग्राही, किराये और किश्त की दोहरी मार

Updated: | Mon, 26 Jul 2021 08:45 AM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रायपुर स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का आधिपत्य हितग्राहियों को नहीं मिल रहा है। हितग्राही अपनी गाढ़ी कमाई तथा बैंक से कर्ज लेकर मकान का पैसा जमाकर घर का सपना देख रहे हैं। मगर, उनका सपना पूरा नहीं हो रहा है। आवास के लिए हितग्राही पिछले तीन साल से रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक उनको अपने मकान का आधिपत्य नहीं मिल पा रहा है। आधिपत्य न मिलने की वजह से वह किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं।

रविवार को पूर्व आरडीए अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव के साथ सौकड़ों की संख्या में हितग्राहियों ने इंद्रप्रस्थ कॉलोनी पहुंचकर आरडीए के विरोध में जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। ज्ञात हो कि रायपुर विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2016 में इंद्रप्रस्थ कॉलोनी का निर्माण शुरू किया था। इसमें इडब्ल्यूएस के 1472 तथा एलआईजी के 944 फ्लैट शामिल हैं। हितग्राहियों को वर्ष 2019 में निर्माण कार्य पूरा कर सौंप देना था।

इस योजना को पांच पूरे हो गए हैं, लेकिन अभी तक हितग्राहियों को आवास का आधिपत्य नहीं मिल पाया है, जिससे हितग्राहियों पर दोहरा भार पड़ रहा है। हितग्राही खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। यशवंत साहू ने नईदुनिया को बताया कि कॉलोनी में फ्लैट बुक करवाया था। तीन साल बीत जाने के बाद भी अभी तक आधिपत्य नहीं मिल पाया है।

किराया से बचने के लिए घर बुक किया था, लेकिन वर्तमान में किराया और बैंक का कर्ज दोनों जमा करना पड़ रहा है। अभिषेक कुमार ने बताया कि राजधानी में खुद के मकान की चाहत में इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में मकान बुक करवाया था, लेकिन समय पर मकान नहीं मिलने से काफी दिक्ततों का सामना करना पड़ रहा है।

हितग्राहियों को देना होगा अतिरिक्त चार्ज

इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में 1472 फ्लैट बने हैं। उसमें से 896 इडब्ल्यूइएस तथा 944 एलआइजी फ्लैट बनकर तैयार हो गए हैं। बुकिंग के समय इडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत चार लाख 89 हजार रुपये थी। निर्माण दर में बढ़ोतरी होने के कारण हितग्राहियों को लगभग 44 हजार रुपये ज्यादा देने होंगे। इसके अलावा जीएसटी और मरम्मत चार्ज भी देना होगा।

इसी तरह एलआईजी फ्लैट की कीमत सात लाख 33 हजार रुपये थी, लेकिन निर्माण अवधि में देरी के चलते इसकी लागत भी बढ़ी है। एलआइजी फ्लैट में 72 हजार रुपये ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। इसके अलावा जीएसटी और मरम्मत चार्ज भी देना होगा। आरडीए के अधिकारी का कहना है कि हितग्राही को राशि जमा करने के बाद रजिस्ट्री की जाएगी. उसके बाद फ्लैट का आधिपत्य दिया जाएगा।पैसा जमा करने वालों को तत्काल आधिपत्य दिया जाएगा।

जानिए क्या है हितग्राहियों की मांग

इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में जमा हितग्राहियों का कहना कि वर्तमान में निवासरत किराए की राशि एवं किश्त दोनों का बोझ उठाना पड़ रहा है। इसलिए पूर्व में दिए गये आवंटन पत्र के अनुसार आबंटितों से अंतिम किश्त एवं वास्तविक मूल्य का 7.5 प्रतिशत रखरखाव राशि के अलावा कोई सर चार्ज लागू न किया जाए। यह फ्लैट प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे हैं। इसलिए हितग्राहियों को फ्लैट की रजिस्ट्री में लगने वाली राशि को भी हितग्राहियों के लिए मुफ्त सुविधा प्रदान करने के लिए मंथन किया जाना चाहिए।

वर्जन

इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में विरोध करके क्या मिलेगा। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में कुछ बिल्डिंग तैयार हो गई है। हितग्राही पैसा जमा करें, उनको तुरंत आधिपत्य दे दिया जाएगा।

- एय्याज तंबोली, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आरडीए

Posted By: Shashank.bajpai