Betrayal Of Religious Faith: रायपुर में 10 फीट दूर से गणेश प्रतिमा को फेंकते वीडियो वायरल, तीन कर्मचारी बर्खास्त

Updated: | Mon, 20 Sep 2021 10:01 PM (IST)

Betrayal Of Religious Faith: रायपुर। (नईदुनिया प्रतिनिधि) गणेश भगवान की प्रतिमा लोग उत्साह से घर पर लाते हैं। जिनकी किस्मत होती है उनके ही घर गणेश भगवान विराजमान होते हैं। दस दिन तक इनकी धूमधाम से पूजा-अर्चना की जाती है, लेकिन लचर सरकारी सिस्टम की वजह से उन्हें अपमान झेलना पड़ रहा है। रविवार की शाम शहर के अलग-अलग इलाकों से छोटी प्रतिमाओं को नगर निगम की कचरा गाड़ी में महादेवघाट में बने अस्थायी कुंड में लाया गया। शाम के वक्त एक ट्रक में भी प्रतिमाएं लाई गईं, जिन्हें अस्थायी कुंड में तैनात कर्मचारी ट्रक के ऊपर से सीधे कुंड में फेंक रहे थे।

इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही भाजपा पार्षदों के साथ आम जनता भी विरोध में उतर आई। लोग विसर्जन कुंड पहुंचे। महापौर आम जनता के बीच घिर गए। आम जनता ने महापौर एजाज ढेबर से कहा कि यह आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसकी जवाबदारी कौन लेगा? इस दौरान भाजपा पार्षद की दल नेता मीनल चौबे ने कहा कि जब नगर निगम इस तरह की व्यवस्था ठीक ढंग से संचालित नहीं कर सकता तो उसे जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए।

ज्ञात हो कि महादेवघाट में इस वर्ष छोटी-बड़ी मिलाकर कुल चार हजार मूर्तियां विसर्जित की जानी हैं। मूर्ति विसर्जन को लेकर निगम प्रशासन 15 अस्थायी कुंड, दस क्रेन और 60 गोताखोरों की तीन अलग- अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई है। अस्थायी कुंड में छोटी मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा। वहीं स्थायी कुंड में एक साथ पांच से छह मूर्तियों का विसर्जन किया जाना है।

वर्तमान में 6,763 से अधिक छोटी मूर्तियां एवं 160 बड़ी मूर्तियां आज संध्या तक महादेवघाट विसर्जित की जा चुकी हैं। गणेश प्रतिमा विसर्जन में किसी प्रकार की चूक नहीं करना है, लेकिन रविवार की घटना ने निगम और कलेक्टर के आदेश की धज्जियां उड़ा दीं। दस-दस फीट से गणेश प्रतिमा को सीधे कुंड में फेंका जा रहा है। भाजपा के पार्षदों ने आरोप लगाया है कि शराब का सेवन कर कर्मचारी प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे हैं।

व्यवस्था नहीं कर पा रही है तो न ले निगम जिम्मेदारी

रायपुर नगर निगम नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने कहा कि जब निगम व्यवस्था नहीं दे सकती तो उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए। गणेश भगवान का लोग आस्था के साथ 11 दिन तक पूजा पाठ करते है, लोग भरोसा करके विसर्जन के लिए निगम को सौंपते हैं। उन्होंने कहा कि विसर्जन की कोई निगरानी नहीं की जा रही है। उन्होंने महापौर से पूछा कि क्या यह आपके संरक्षण में हो रहा है।

यदि निगम विसर्जन नहीं करवा पा रही है तो जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए, जो अपने घर में गणेश प्रतिमा बिठा रहे हैं वह स्वयं विसर्जन भी कर सकते हैं। महापौर एजाज ढेबर ने चूक मानते हुए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। दो घंटे के बाद कर्मचारियों के ऊपर कार्रवाई कर जांच टीम गठित कर दी गई है। वहीं भाजपा पार्षद मृत्युंजय दुबे ने नगर निगम के कर्मचारियों से साफ लहजे में कह दिया कि विसर्जन के दौरान प्रतिमा का किसी भी प्रकार से अपमान नहीं होना चाहिए।

बरती जा रही है लापरवाही

गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान निगम द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। निगम यदि व्यवस्था देने में असफल साबित हो रहा है तो उसे जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए। -मीनल चौबे, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम, रायपुर

तीन कर्मचारियों को बर्खास्त किया

निगम ने तीन कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही अपर आयुक्त के नेतृत्व में एक टीम गठित कर दी गई है, जो मामले की जांच करेगी। -प्रभात मलिक, आयुक्त, नगर निगम, रायपुर

Posted By: Kadir Khan