Malnutrition Free Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ कुपोषण में कमी लाने वाले राज्यों में आगे

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 05:01 PM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Malnutrition Free Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती 2 अक्टूबर 2019 से शुरू हुए प्रदेशव्यापी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का अच्छा प्रतिसाद मिलने लगा है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के साथ विभिन्न योजनाओं के एकीकृत प्लान और समन्वित प्रयास से बच्चों में कुपोषण दूर करने में बड़ी सफलता मिली है। प्रदेश में वजन त्योहार जुलाई 2021 के अनुसार, राज्य में केवल 18.84 प्रतिशत बच्चे कुपोषित पाए गए हैं।

यदि एनएफएचएस-4 से तुलना करते हैं, तो कुपोषण में छत्तीसगढ़ में लगभग 18.86 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यदि अन्य राज्यों से तुलना करते हैं तो देश के अन्य 21 राज्यों में जहां एनएफएचएस-5 का डाटा जारी किया गया है, वहां कुपोषण के स्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। सरकार का दावा है कि छत्तीसगढ़ कुपोषण में कमी लाने वाले राज्यों में अन्य राज्यों से काफी आगे है।

गौरतलब है कि एनएफएचएस-4 जो कि वर्ष 2015-16 में जारी हुआ था, उसमें छत्तीसगढ़ में कुपोषण 37.7 प्रतिशत पाई गई थी तथा राष्ट्रीय औसत 35.7 था। वर्ष 2015-16 के पश्चात राज्य सरकार एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं कायर्क्रमों के माध्यम से बच्चों में कुपोषण कम करने का प्रयास किया गया। अभी जुलाई 2021 में 07 जुलाई से 16 जुलाई 2021 के मध्य वजन त्योहार का आयोजन किया गया।

इस अवधि में लगभग 22 लाख बच्चों का वजन लेकर कुपोषण के स्तर का आंकलन किया गया है। आंगनबाड़ी कायर्कर्ता के द्वारा ही एप में एंट्री की गई, ताकि डाटा की गुणवत्ता प्रभावित न हो। छत्तीसगढ़ में जनवरी 2019 की स्थिति में चिह्नांकित कुपोषित बच्चों की संख्या चार लाख 33 हजार 541 थी, इनमें से मई 2021 की स्थिति में लगभग एक तिहाई 32 प्रतिशत अर्थात एक लाख 40 हजार 556 बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए हैं।

Posted By: Shashank.bajpai