Chhattisgarh OBC News: छत्‍तीसगढ़ के सरकारी विभागों में भी हो रही ओबीसी की तलाश

Updated: | Mon, 20 Sep 2021 10:05 PM (IST)

Chhattisgarh OBC News: रायपुर। राज्य ब्यूरो, छत्‍तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 करने के अपने फैसले को अमलीजामा पहनाने की कवायद में जुटी सरकार राज्यभर में ओबीसी की गणना कर रही है। इसके लिए सरकार ने अलग आयोग का गठन किया है। अब सरकार ने अपने विभगों से भी उनके यहां कार्यरत ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोरों की सूची मांगी है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डा. कमलप्रीत सिंह ने विभाग प्रमुखों को पत्र भेजा है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने विभागों के साथ ही उनके अधीन विभागाध्यक्ष कार्यालय, सार्वजनिक उपक्रम, मंडल, निगम और स्थानीय निकायों में कार्यरत ओबीसी व आर्थिक स्र्प से कमजोर वर्ग से संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की संख्या परिवार के सदस्यों की संख्या सहित पूरी रिपोर्ट मांगी है। जीएडी के अफसरों के अनुसार सरकार सही डाटा एकत्र करना चाह रही है। इसी वजह से विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है। बता दें कि सरकार ने जातिगत आरक्षण में की गई वृद्धि को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण में बढ़ोतरी पर रोक लगाते हुए डाटा एकत्र करने के निर्देश दिए हैं।

जिलों के दौरे पर क्वांटिफिएबल डाटा आयोग

ओबीसी और आर्थिक स्र्प से कमजोरों का डाटा एकत्र करने के लिए सरकार ने एक क्वांटिफिएबल (मात्रात्मक)आयोग कर गठन कर रखा है। आयोग के अध्यक्ष व सचिव लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और सामाजिक संगठनों की बैठक लेकर उन्हें पंजीयन कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आयोग के अध्यक्ष व सचिव अब तक दुर्ग और बस्तर संभाग का दौरा कर चुके हैं।

वेब पोर्टल व मोबाइल एप के जरिये करा सकते हैं पंजीयन

डाटा एकत्र करने के लिए सरकार ने वेब पोर्टल और मोबाइल एप लांच किया है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति आनलाइन पंजीयन करा सकत है। इस काम के लिए 5549 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। इनमें शहरी क्षेत्रों में 1103 और ग्रामीण क्षेत्रों में 4446 शामलि हैं। मोबाइल एप के माध्यम से प्राप्त आवेदन पत्रों के साथ खाद्य विभाग के राशनकार्ड में उपलब्ध डाटा के अनुसार सत्यपान किया जाएगा।

इस आधार पर तय होगी आर्थिक स्थिति

किसी भी परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम है, तो उसे आर्थिक रूप से कमजोर माना जाएगा, लेकिन उनके पास पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए। साथ ही शहरी क्षेत्रों में 900 वर्गफुट से कम क्षेत्र का आवासीय भूखंड या 1000 वर्गफुट से कम का फ्लेट वाले भी दायरे में आएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में पांच एकड़ से कम कृषि भूमि और दो हजार वर्गफुट से कम क्षेत्र का मकान या आवासीय भूखंड वालों को आर्थिक रूप से कमजोर माना जाएगा। वहीं, ओबीसी वर्ग में केवल उन 95 जातियों को शामिल किया जाएगा जिनकी सूची 10 अगस्त 2020 को राज्य सरकार ने जारी की है।

Posted By: Kadir Khan