Chhattisgarh Political News: टिकट बंटवारे का लोकसभा फार्मूला अब छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में चलेगा!

Updated: | Sun, 19 Sep 2021 10:24 PM (IST)

Chhattisgarh Political News: रायपुर, राज्य ब्यूरो। छत्तीसगढ़ की सत्ता में वापसी के लिए भाजपा टिकट बंटवारे में इस बार लोकसभा चुनाव का फार्मूला अपना सकती है। पार्टी के आला नेताओं ने जो संकेत दिए हैं, उसमें किसी भी दिग्गज नेता की सीट फाइनल नहीं मानी जा रही। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने युवा मोर्चा के कार्यक्रम में साफ कहा कि गुजरात जैसा बदलाव कहीं भी संभव है।

शिवप्रकाश के इस बयान के बाद भाजपा में टिकट के दावेदारों में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों की मानें तो पार्टी के केंद्रीय संगठन ने उस समय ही तय कर लिया था कि सभी विधानसभा सीट पर नए उम्मीदवार उतारे जाएंगे, जब पार्टी सत्ता से बाहर होने के बाद सिर्फ 15 सीट पर सिमट गई थी। भाजपा के राजनीतिक हलके में इस फार्मूले को अमित शाह का फार्मूला बोला जा रहा है। दरसअल, बड़े पैमाने पर सांसदों का टिकट काटकर नए उम्मीदवारों को उतारने का फार्मूला पिछले लोकसभा चुनाव में हिट रहा। इसके बाद से विधानसभा चुनाव में इसे लागू करने की चर्चा शुरू हो गई थी।

भाजपा के आला नेताओं की मानें तो विधानसभा चुनाव के छह महीने बाद हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 11 में से नौ सीट पर जीत दर्ज की। ऐसे में केंद्रीय संगठन का साफ मानना है कि वोटरों की नाराजगी पार्टी से नहीं, बल्कि पार्टी के उन नेताओं से है, जो लंबे समय से सत्ता और संगठन की कमान संभाल रहे हैं। रमन सरकार में शामिल रहे बृजमोहन अग्रवाल, पुन्न्ूलाल मोहिले और अजय चंद्राकर को छोड़कर कोई भी मंत्री चुनाव नहीं जीता। इससे इस संभावना को और बल मिल गया कि चुनाव पार्टी नहीं, बल्कि नेता हारे हैं।

केंद्र और राज्यों में बदलाव की झलक

केंद्र सरकार में मंत्री बनाने के मामले में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे नेताओं को मंत्री बनाया जो पहली बार लोकसभा में पहुंचे हैं। वहीं, समाज के अलग-अलग क्षेत्र में काम करने वालों और आइएएस-आइपीएस को भी मंत्री बनाया गया, जिन्हें अब राज्यसभा के माध्यम से उपरी सदन में भेजने की तैयारी है। इस कवायद के बीच चर्चा यह है कि छत्तीसगढ़ में गिने-चुने नेताओं को छोड़ दिया जाए तो किसी की भी टिकट फाइनल नहीं समझना चाहिए।

'पीपीपी" से अलग दिखने की शुरुआत

भाजपा प्रदेशभर में अब यह कैंपेन चलाने जा रही है, जिसमें कांग्रेस को पारिवारिक पालिटिकल पार्टी (पीपीपी) के रूप में प्रचारित करेगी। प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने माना कैंप में रिफ्यूजी लोगों से चर्चा में इस अभियान की शुरुआत कर दी है। पुरंदेश्वरी ने पार्टी नेताओं को साफ कहा है कि वे जनता को कांग्रेस और भाजपा के बीच फर्क बताएं। साथ ही वोटरों के बीच जानकर यह भी बताएं कि भाजपा समाज के लिए काम करने वाली पार्टी है।

Posted By: Shailendra Kumar