HamburgerMenuButton

Assam politics: असम के चुनाव में छत्तीसगढ़िया सियासत का तड़का

Updated: | Sun, 07 Mar 2021 08:05 AM (IST)

रायपुर, राज्य ब्यूरो। असम की राजधानी गुवाहाटी से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की दूरी 17 सौ किलोमीटर से अधिक है। बावजूद इसके असम में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी का असर यहां तक होने लगा है। वजह यह है कि कांग्रेस के बाद अब भाजपा ने भी यहां के नेताओं को वहां के चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद के साथ कुछ पूर्व विधायक भी शामिल हैं। कांग्रेस की तरफ से असम के प्रभारी सचिव विकास उपाध्याय के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूरी टीम दो महीने से वहां सक्रिय है। अब भाजपा के नेता भी एक-एक कर असम जा रहे हैं।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का मुख्य पर्यवेक्षक (आब्जर्वर) बनाया है। पार्टी के असम के प्रभारी सचिव विकास उपाध्याय भी रायपुर पश्चिम सीट से विधायक हैं। आलाकमान से दोनों नेताओं को जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी के नेता वहां सक्रिय हैं। उपाध्याय असम में ही डेरा डाले बैठे हैं तो सीएम महीनेभर में चार से अधिक दौरों में आधा दर्जन से अधिक सभा और कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हो चुके हैं।

बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर रही कांग्रेस

छत्तीसगढ़ से पहुंची कांग्रेस नेताओं की टीम असम की सत्ता में वापसी के लिए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर रही है। इसके लिए बूथ स्तर पर प्रशिक्षण श्ािविरों का आयोजन कर कार्यकर्ताओं को सरकार के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। असम बचाओ अभियान के जरिये कांग्रेस स्थानी जनभावनाओं को अपने पक्ष में करने की रणनीति के साथ काम कर रही है।

अगले सप्ताह तक असम पहुंच जाएंगे प्रदेश के भाजपा नेता

भाजपा ने अभी दो दिन पहले ही प्रदेश के नेताओं को असम जाने का निर्देश दिया है। पार्टी के प्रवक्ता और चुनाव अभियान में शामिल होने असम जाने वाले नेताओं में शामिल संजय श्रीवास्तव ने बताया कि यहां के नेताओं को असम के अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी का निर्देश मिलने के साथ ही कुछ लोग रवाना हो गए हैं, जबकि बाकी लोग अगले सप्ताह तक वहां जाएंगे।

छत्तीसगढ़ के फार्मूले पर ही टिकट वितरण

कांग्रेस ने असम में भी छत्तीसगढ़ के फार्मूले पर टिकट बांटने का फैसला किया है। यहां दावेदारों से ब्लाक स्तर पर आवेदन लिए गए थे। ब्लाक अध्यक्ष फिर जिलाध्यक्ष और जिला कमेटी के माध्यम से सूची प्रदेश स्तर पर बनी स्क्रूटनी कमेटी तक पहुंची थी। कमेटी ने वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करने के बाद अपनी सूची एआइसीसी को भेजी थी। असम के प्रभारी सचिव उपाध्याय का कहना है कि छत्तीसगढ़ में प्रत्याशी चयन की जो प्रक्रिया अपनाई गई थी, उसमें जमनी स्तर के कार्यकर्ताओं को दावेदारी करने का मौका मिला था। इस कारण इसी प्रकिया को असम में भी अपनाने का विचार हुआ है।

Posted By: Shashank.bajpai
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.