Chhattisgarh Warriors: बांग्लादेश आजादी की जंग में नायक थे छत्तीसगढ़ के 40 योद्धा

Updated: | Mon, 20 Sep 2021 06:05 AM (IST)

Chhattisgarh Warriors: रायपुर (राज्य ब्यूरो)। बांग्लादेश की आजादी की जंग में छत्तीसगढ़ के 40 योद्धा भी शामिल थे। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की पाकिस्तान पर जीत के उपलक्ष्य में 16 दिसंबर को विजय-दिवस के रूप में मनाया जाता है। जीत के 50 साल का स्मरणोत्सव स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप में श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में स्वर्णिम विजय मशाल 12 से 19 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ से होकर गुजरेगी। इस दौरान राज्य में विभिन्न् कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कर्नल रजत मोहन भट्ट ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 40 से अधिक युद्ध नायक हैं, जिन्होंने 1971 के युद्ध में भाग लिया है। भारत-पाक युद्ध तीन दिसंबर 1971 को शुरू हुआ। पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में भारतीय वायुसेना के ठिकानों पर हमले किए। पश्चिमी और पूर्वी मोर्चों पर भारतीय सशत्र बलों ने इस पर त्वरित प्रतिक्रिया दी। भारतीय सशत्रबलों ने निर्णायक कार्रवाई में पूर्वी पाकिस्तान में ढाका पर कब्जा कर लिया।

इसके बाद 92 हजार से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया और एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में बांग्लादेश का उदय हुआ। इस युद्ध में भारत ने एक शानदार जीत हासिल की। युद्ध में भाग लेने वाले हमारे बहादुर सैनिकों को सम्मान देने, जनता विशेष रूप से युवा पीढ़ी में गर्व की भावना उत्पन्न् करने के लिए स्वर्णिम विजय मशाल प्रज्ज्वलित की गई है। देश के इतिहास की इस बड़ी उपलब्धि पर प्रत्येक भारतीय देशभक्त गर्व महसूूस करता है।

देश में घुमाने को प्रज्ज्वलित किए चार विजय मशाल

भारत-पाकिस्तान युद्ध के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए चार विजय मशाल प्रज्ज्वलित किए गए थे, जिन्हें देश के अलग-अलग कोनों में भेजा जा रहा है।

Posted By: Kadir Khan