Raipur Local Edit: मुख्यमंत्री का सर्व आदिवासी समाज से सीधा संवाद, बेहतर करेगा तालमेल

Updated: | Fri, 24 Sep 2021 09:05 AM (IST)

रायपुर। Raipur Local Edit: राज्य सरकार की यह मंशा सराहनीय है कि आदिवासी क्षेत्र के लोगों को भी वे सभी मूलभूत सुविधाएं मिलें, जो मैदानी क्षेत्र के लोगों को मिल रही हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से आमने-सामने बात करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि बस्तर के विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उम्मीद की जानी चाहिए इस संवाद से सरकार और आदिवासी समाज के बीच और बेहतर तालमेल कायम होगा। लोगों में सरकार के प्रति विश्वास मजबूत होगा।

संवादहीनता अनेक समस्याओं को जन्म देती है। इस स्थिति में मतभेद के साथ ही मनभेद भी पैदा हो जाता है। जनता को बरगलाने वाले ऐसे ही मौके का फायदा उठाते हैं। भ्रम फैलाया जाता है कि सरकार आदिवासियों के लिए कुछ नहीं कर रही है। नक्सलियों ने काफी दिनों तक ऐसा ही किया है। आदिवासियों का हमदर्द होने का दिखावा करते हुए नक्सलियों ने लंबे समय तक आदिवासी बहुल इलाके का विकास ही अवरुद्ध रखा। इसकी वजह से सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण रहा।

बस्तर के लोगों को आज भी ससमय चिकित्सा नहीं मिल पा रही है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल बंद पड़े हैं। रोजगार नहीं उपलब्ध होने से आदिवासियों का जीवन स्तर नहीं सुधर रहा है। क्षेत्र में भय का वातावरण है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार समेत अन्य तमाम सुविधाएं आदिवासियों तक तभी पहुंच पाएंगी, जब वहां पुख्ता सुरक्षा-व्यवस्था होगी। अभी नक्सलियों के भय के कारण आदिवासी समाज के बहुत से लोग सरकार का सहयोग नहीं कर पाते। भय की स्थिति में गांवों तक अधिकतर सरकारी अधिकारी-कर्मचारी नहीं पहुंच पाते।

ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर बच्चे आज भी निरक्षर हैं। जो कुछ लोग आर्थिक रूप से सक्षम हैं, वे अपने बच्चों को रायपुर या दिल्ली में शिक्षा दिलवा रहे हैं। क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, क्योंकि जहां भी सरकारी सहयोग से शिक्षण की व्यवस्था की गई है, वहां के बच्चे इंजीनियरिंग और मेडिकल सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बाजी मार रहे हैं।

अंचल में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुलने से भी क्षेत्र में शिक्षा का स्तर सुधरेगा और अगली पीढ़ी का जीवन स्तर बेहतर हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए हास्टल की सुविधा देने की सराहनीय पहल की है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्कूल भवनों को नक्सलियों ने ध्वस्त कर दिया था। उन्हें पुन: संचालित करने के लिए विशेष प्रयत्न किए जाने की आवश्यकता है।

जरूरी है कि सर्व आदिवासी समाज सर्वांगीर्ण विकास के लिए सरकार का सहयोग करे। वह उन ताकतों के बरगलाने में कतई न आए, जिन्होंने समाज को अब तक विकास से दूर रखा है। समाज के सहयोग से ही सरकारी योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंच पाएगा। जहां दिक्कत आए, वहां सरकार से सीधे संवाद का रास्ता खुला रहना चाहिए।

Posted By: Shashank.bajpai