छत्‍तीसगढ़ में वेतन विसंगति दूर करने की मांग, नहीं तो 17 को हड़ताल पर शालेय शिक्षक संघ

Updated: | Thu, 02 Dec 2021 05:23 PM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्‍तीसगढ़ में शालेय शिक्षक संघ ने पदोन्नति, क्रमोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने और महंगाई भत्ते पर सरकार 15 दिसंबर तक निर्णय लेने की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ हड़ताल में बैठने के लिए मजबूर हो जाएगा। संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि प्रदेश कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा से अब हमारा सब्र का बांध टूटने लगा है। हम लगातार शासन से गुहार लगा रहे हैं कि हमारी वेतन विसंगति, पदोन्नति, क्रमोन्नति, 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता, दिवंगत पंचायत शिक्षक के आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति, 14 प्रतिशत सीपीएस अंशदान, ट्रांसफर का बैन खोलने, जैसे मांगों पर निर्णय लिया जाए, लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर सकी है। इसके कारण वे अब बड़े आंदोलन के लिए मजबूर हो रहे हैं, जिसकी जवाबदेही शासन की होगी। हमारी मांगों पर शासन 15 दिसंबर तक पूरा नहीं करती है तो प्रदेश के सभी शिक्षक राजधानी रायपुर में 17 दिसंबर को अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

महासचिव धर्मेश शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी और प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदेश के कर्मचारी और शिक्षक अपने विरुद्ध हो रहे अन्याय और उपेक्षा से हताश होकर आक्रोशित हैं। यदि उनकी मांग जल्द पूरी नहीं की जाती तो स्वाभाविक है यह आक्रोश एक बड़े आंदोलन को जन्म देगी। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने सभी जिला मुख्यालय में आठ दिसंबर को कलेक्टर के समक्ष मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौपेंगे, जिसमें मांग पूर्ण न होने की दशा में 17 दिसंबर को राजधानी में प्रदेश के सभी शिक्षक एकत्रित होकर कर्मचारी अन्याय के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

Posted By: Kadir Khan