औषधि विभाग का कारनामा, दूसरे के रजिस्ट्रेशन पर दे दिया मेडिकल का लाइसेंस

Updated: | Sun, 05 Dec 2021 07:05 AM (IST)

आकाश शुक्ला, रायपुर। औषधि विभाग में मेडिकल संचालन के लिए लाइसेंस के नाम गड़बड़ी सामने आई है। इसमें विभाग ने दूसरे फार्मासिस्ट के लाइसेंस नंबर पर दूसरे फार्मासिस्ट को दवा दुकान के लिए लाइसेंस दे दिया। पिछले चार वर्षों से मेडिकल दुकान का संचालन में भी गलत लाइसेंस के आधार पर होता रहा। अब शिकायत के बाद मामले का खुसासा हुआ है।

शिकायतकर्ता फार्मासिस्ट विनोद कुमार ने बताया कि मेडिकल दुकान खोलने के लिए कुछ दिन पहले लाइसेंस के लिए औषधि विभाग में आवेदन किया। इस बीच जब उनके रजिस्ट्रेशन नंबर 14336 के आधार पर लाइसेंस की प्रक्रिया की गई। तब पता चला कि इस नंबर से लाइसेंस पचपेड़ी नाका स्थिति प्राइवेट अस्पताल में संचालित मेडिकल दुकान के नाम से दे दी गई है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक विगत चार वर्षों से रजिस्ट्रेशन नंबर 14336 नंबर से वह कभी मेडिकल के लिए लाइसेंस बनवाने आवेदन ही नहीं किया था। उन्होंने विभाग के औषधि अधिकारियों पर बिना अनुमति के उनके रजिस्ट्रेशन नंबर से छेड़छाड़ कर अवैध लाइसेंस देने का आरोप लगाया है। इधर गलत नाम से लाइसेंस जारी होने वाले रविंद्र कुमार ने कहा कि मुझे भी कुछ दिन पहले इसकी जानकारी हुई है। यह गलती विभाग की है।

फल-फूल रहा अवैध लाइसेंस का खेल

केस-1 : जोन-3 खुर्सीपार, जिला दुर्ग निवासी फार्मासिस्ट पालन कुमार कौशिक की शिकायत की। उन्होंने बताया कि इसमें बिना उनकी जानकारी के उनके नाम से लाइसेंस कामाख्या ड्रग सेंटर के नाम पर खरीदी बिक्री जा रही है। इसकी जानकारी विभाग के वेबसाइट में अपने पंजीयन की जांच करने के दौरान उन्हें प्राप्त हुई। अब तक इसपर विभाग ने कार्रवाई नहीं की है।

केस-2 : चंगोराभाटा निवासी फार्मासिस्ट सोम प्रकाश साहू ने औषधि विभाग में शिकायत किया था कि उसके लाइसेंस से कंवरराम वार्ड भाटापारा में आशीर्वाद मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा है। जबकि सोम प्रकाश शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तोरला अभनपुर में पदस्थ था। गड़बड़ी की शिकायत के बाद विभाग ने मामले को दबा दिया।

आंकड़ों पर एक नजर

21,000 से अधिक पंजीकृत फार्मासिस्ट राज्य में

15,000 हजार मेडिकल दुकानों की संख्या

10 से अधिक शिकायतें लाइसेंस को लेकर हर माह

वर्जन

गलत रजिस्ट्रेशन नंबर पर लाइसेंस जारी करने की शिकायत मिली है। यह लिपीक त्रुटि हो सकती है। इसपर जांच चल रही। आवेदक को जल्द ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे। किसी भी तरह के लाइसेंस में गड़बड़ी की जानकारी हो तो तत्काल कार्यालय में शिकायत कोई भी कर सकता है।

-हिरेन पटेल, जिला औषधि निरीक्षक, रायपुर

वर्जन

गलत तरह से मेडिकल लाइसेंस का खेल औषधि विभाग में फल-फूल रहा है। आइपीएस को इसकी लागतार शिकायत मिल रही है। विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा भी गया, बावजूद कार्रवाई नहीं होती। ऐसी गतिविधियों की पुलिस में शिकायत करेंगे। कार्रवाई के लिए औषधि विभाग का घेरा भी किया जाएगा।

-वैभव शास्त्री, राज्य संयोजक, इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन

Posted By: Shashank.bajpai