Electricity Politics In Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में जनता की जेब काटने का प्रविधान बिजली दर बढ़ाकर कर लिया : भाजपा

Updated: | Tue, 03 Aug 2021 03:44 PM (IST)

रायपुर। Electricity Politics In Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में बिजली की नई दरें लागू होने के बाद सियासत शुरू हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सरकार पर निशाना साधते हुए महंगी बिजली को लेकर के प्रेस वार्ता में कहा कि कांग्रेस सरकार ने शून्य से 100 यूनिट की बिजली खपत करने वाले अति गरीब वर्ग को भी नहीं बक्शा, उनकी बिजली भी महंगी कर दी गई। कोरोना महामारी के इस संकट के दौर में बिजली की दरों में वृद्धि से छत्तीसगढ़वासी काफी परेशान और खुद को ठगा सा महसूस कर रहें हैं। छत्तीसगढ़ सरकार को किसी भी सूरत में बिजली की बढ़ी कीमतों वापस लेना चाहिए। बिजली बिल हाफ का वादा करके सत्ता पाने वाली कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में बिजली की दरें बढ़ाकर जनता को छला है, उनके साथ धोखा किया है। कोरोना संकट काल में आम जनता को आठ पैसे की राहत न देने वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली की दरें 8 फीसद बढ़ाकर अन्याय किया है।

विष्णुदेव साय ने आगे कहा कि नियामक आयोग ने 2021-22 के लिए घरेलू बिजली की औसत दर 6.41 तय की है जो बीते वर्ष 5.93 प्रति यूनिट थी। यह दर अब पिछले वर्ष की तुलना में 48 पैसे प्रति यूनिट अधिक है। महंगाई का रोना रोने वाली और महंगाई पर नौटंकीनुमा प्रदर्शन कर झूठ फैलाती कांग्रेस ने अब जनता की जेब काटने का प्रविधान बिजली दर बढ़ाकर कर लिया है। कांग्रेस के राज में प्रदेश जिस तरह डूब रहा है, वित्तीय हालात खराब हैं, इस स्थिति में जनता की जेब ही हर बार काटी जाएगी। सरकार ने वितीय अनुशासनहीनता कर, जो कर्ज़ों का बोझ लादकर प्रदेश को घाटे में ला पटका है, उसकी भरपाई यह सरकार अब जनता से ही करेगी।

बिजली दरों में वृद्धि का माकपा ने भी जताया विरोध

छत्तीसगढ़ में विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी विरोध जताया है। एक बयान में माकपा राज्य सचिव मंडल ने कहा है कि बिजली दर में इजाफा कर जनता पर 941 करोड़ रुपयों का बोझ डाला गया है, जबकि पुरानी दरों पर भी बिजली वितरण कंपनी 2,000 करोड़ रुपयों के मुनाफे पर चल रही है। साथ ही माकपा के राज्य सचिव संजय पराते ने विरोध जताते हुए कहा है कि बिजली कंपनी के बीते कई वर्षों के कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की लागत अब छत्तीसगढ़वासियों से वसूलना राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों का प्रतीक है।

बिजली दर में वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो होगा जनआंदोलन : जकांछ

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ( जकांछ ) बढ़ी बिजली की दरों को लेकर सरकार को चेतावनी दी है कि अगर बढ़ी बिजली की दरों की कीमत कम नहीं होती है और नहीं दरों को लागू करने का निर्णय वापस नहीं लिया जाता है तो जनआंदोलन किया जाएगा। जकांछ के मुख्य प्रवक्ता अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि पहले ही कोरोना काल में छत्तीसगढ़ की जनता महंगी पेट्रोल और डीजल से परेशान है। वही केंद्र और राज्य सरकार को टैक्स कम करते हुए पेट्रोल डीजल को सस्ता कर जनता को राहत देने के बजाय अब छत्तीसगढ़ में बिजली की दरों को भी बढ़ाने का फरमान जारी कर दिया गया। भगवानू नायक ने कहा कि सरकार बिजली बिल के बढ़ी हुई दरों को वापस नहीं लेती है तो जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जनांदोलन करेगी।

Posted By: Kadir Khan