Raipur Column Anderkhane: अधिकारियों की जेब भरने का तरीका बना हाथी की हवाई लैंडिंग

Updated: | Sat, 25 Sep 2021 11:02 AM (IST)

रायपुर। Raipur Column Anderkhane: वन विभाग में इन दिनों हाथी की हवाई लैंडिंग की चर्चा खूब हो रही है। दरअसल, दो जिलों के अफसरों ने हाथी से हुए नुकसान को अपनी जेब भरने का अवसर बना दिया है। आइएफएस रैंक के इन अफसरों के कारनामे सुनकर मंत्री खुद दंग रह गए। दरअसल, अफसरों ने किसानों को चुन-चुनकर मुआवजा बांटा। हाथी एक खेत में पहुंचा, उसके बाद आठ-दस खेत छोड़कर नुकसान किया।

गांव में चर्चा शुरू हो गई कि क्या हाथी की खेत में हवाई लैंडिंग हो गई? मंत्रीजी तक जब शिकायत पहुंची तो बड़े अधिकारियों को जांच का आदेश दे दिया। यह जांच रिपोर्ट दस दिनों से पीसीसीएफ तक पहुंची हुई है, लेकिन लग रहा है कि हाथी के पैरों तले आगे की कार्रवाई दबकर रह गई है। महकमे में चर्चा हो रही कि हवाई लैंडिंग पर कार्रवाई करने के लिए मंत्रीजी के हाथ कहीं कमजोर तो नहीं हो गए।

साहब का मंत्री बंगला से मोह

रायपुर में इस समय मुख्यमंत्री और मंत्री के आदमी के बीच जमकर जोर आजमाइश चल रही है। दरअसल, नगर निगम के एक जोन कमिश्नर खुद को मंत्री का रिश्तेदार बता रहे हैं। बताया जा रहा है कि साहब जोन कार्यालय की जगह मंत्रीजी के बंगले पर पाए जाते हैं। इससे बड़े-बड़े अफसर और नेताओं को उनसे काम करवाने में पसीने छूट जा रहे हैं। निगम के एक बड़े नेताजी की कुछ दिनों पहले साहब से भिड़ंत हो गई।

तैश में आकर साहब ने कहा कि मैं मंत्रीजी का आदमी हूं। फिर क्या था, नेताजी ने भी कह दिया कि मैं तो मुख्यमंत्री का आदमी हूं। विवाद काफी बढ़ गया, लेकिन खुद को मुख्यमंत्री का आदमी बताने वाले नेताजी साहब का कुछ बिगाड़ नहीं पाए। नगर निगम के बिगड़ैल साहब का मंत्री बंगला से मोह अब जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

नेताजी का रौब, धंधा बंद

खनिज विभाग में इन दिनों एक ऐसे नेता की चर्चा है, जिन्हें छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नेताजी का करीबी माना जा रहा है। नेता को विधायकों को मैनेज करने का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं, बड़े नेताजी के करीबी होने का दुरुपयोग भी इन्होंने शुरू कर दिया है। दरअसल, नेताजी ने एक ईंटा भठ्ठा वाले से लाखों रुपये का ईंट उधार ले लिया। अपने रसूख का इस्तेमाल करके बड़ा सा मकान बनवाया, लेकिन जब पैसा देने की बारी आई तो रौब दिखाने लगे।

पता चला है कि महासमुंद के इस ईंट भठ्ठा को खनिज विभाग वालों ने सील कर दिया है। कारण यह बताया गया कि खदान एरिया में फेंसिंग नहीं की गई है। बेचारा मालिक पहले तो कोरोना की मार झेल रहा था, फिर बारिश में धंधा वैसे ही बंद है। और अब सूर्या बल्ब फ्यूज होने के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कुर्सी के लिए तंत्र-मंत्र

छत्तीसगढ़ में इन दिनों कुर्सी के लिए संघर्ष चल रहा है। इस बीच राजनीतिक हलके में यह चर्चा है कि एक नेताजी दर-दर माथा टेक रहे हैं। जब-जब मामला शांत होता नजर आता है, तो पूजा-पाठ में बैठ जाते हैं। एक तांत्रिक भी इस दिनों चर्चा में है, जिसने नेताजी के लिए बिलासपुर के एक फ्लैट में सात दिन तक अनुष्ठान किया। तांत्रिक बाबा का दावा है कि उनकी काट किसी के पास नहीं है।

वे जब, जिसे, जहां, जिस कुर्सी पर बिठाना चाहेंगे, बिठा देंगे। कांग्रेस की सरकार बनने से पहले कंबल वाले बाबा चर्चा में आए थे। फिर एक तांत्रिक ने तो विधानसभा को ही बांधने का दावा किया था। लेकिन मामला उस समय फुस्स हो गया, जब भाजपा सत्ता से बाहर चली गई। अब देखते हैं, नेताजी के लिए तंत्र-मंत्र साधना कर रहे तांत्रिक महोदय अपने अभियान में कितने सफल हो पाते हैं।

Posted By: Shashank.bajpai