HamburgerMenuButton

Corona Pandemic: हद है... लाशों को ढोने में भी लगा दी शिक्षकों की ड्यूटी

Updated: | Sun, 18 Apr 2021 03:02 PM (IST)

रायपुर। छ्ग शालेय शिक्षक संघ ने राज्य के महामहिम राज्यपाल, माननीय मुख्यमंत्री और प्रदेश के मुख्य सचिव के नाम एक ज्ञापन देते हुए कहा कि प्रदेश में कोविड प्रोटोकॉल सुरक्षा संसाधन शिक्षकों को नहीं दिए गए हैं। फ्रंटलाइन वारियर्स की श्रेणी में रखे बिना शिक्षकों की ड्यूटी राजस्व अमले ने कोरोना संक्रमण से मृत रोगियों के शव को लाने ले जाने, कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के बीच जाकर ट्रेसिंग करने, संक्रमण का माध्यम मोहल्ला क्लास चलाने जैसे कार्यों में लगाई है। शिक्षक संघ अब इन अव्यवारिक आदेश का विरोध कर रहा है।

तत्काल इस पर रोक लगाते हुए इन तुगलकी आदेशों के परिपालन में कोरोना संक्रमित होकर अपनी जान गवां चुके दिवंगत शिक्षकों के परिवार को फ्रंट लाइन वारियर्स को दी जाने वाली 50 लाख की बीमा राशि और उनके घर के आश्रित को शासकीय नौकरी देने की मांग की है।

संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने शिक्षकों की ड्यूटी गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाने का कड़ा प्रतिकार करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमित रोगियों के लाशों के परिवहन जैसे कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाकर शिक्षक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है। ऐसे तुगलकी और अव्यवहारिक आदेशों को शीघ्र वापस लिए जाए अन्यथा प्रदेश के समस्त शिक्षक इस जैसे अव्यवहारिक आदेशो का सामूहिक बहिष्कार करने को बाध्य होगा।

संगठन के महासचिव धर्मेश शर्मा, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में संग्लन करने से मना किया है। इसके बावजूद स्थानीय शासन प्रशासन अनेक गैर शैक्षणिक कार्यों में जैसे चुनाव, जनगणना आदि में शिक्षकों की सेवाएं लेते रहे हैं।

शिक्षक भी राष्ट्रहित का ध्यान रखते हुए इन कार्यों को सहर्ष करते आया है, किंतु अब कुछ समय से शिक्षकों की ड्यूटी शिक्षक की गरिमा के प्रतिकूल कार्यों में भी लगाई जा रही है। कोरोना संक्रमितों मृत रोगियों के शव का परिवहन, कोरोना संक्रमितों की ट्रेसिंग, मोहल्ला क्लास जैसे कार्यों के लिए भी अव्यवारिक रूप से आदेशित किया जा रहा है। इसके कारण प्रदेश से प्रतिदिन सैकड़ों शिक्षकों के कोरोना संक्रमित हो काल कवलित होने के समाचार आ रहे हैं।

कोरोना संक्रमण की खतरनाक रफ्तार के बीच जब सारी दुनिया वर्क फ्रॉम होम, टेलिफोनिक संचार अथवा अत्याधुनिक गैजेट्स के माध्यम से अपने कार्यों को सम्पन्न कर रही है ऐसे में प्रदेश के राजधानी समेत अन्य जिलों में विभिन्न कार्यों में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की अव्यवहारिक ड्यूटी लगाकर संक्रमण फैलने की स्थिति पैदा कर रही है, कोशिश यह होनी चाहिए कि कम से कम कर्मचारी जनसमूह के बीच जाएं, ताकि संक्रमण और न फैले। अतः शासन प्रशासन ऐसे अव्यवहारिक आदेशो को तत्काल रद्द करे।

कोरोना संक्रमित मृत रोगी लाश परिवहन, कोरोना संक्रमण ट्रेसिंग, मोहल्ला क्लास जैसे अव्यवहारिक आदेशों पर तत्काल रोक लगाने व ड्यूटी के दौरान संक्रमित होकर अपनी जान गंवा चुके शिक्षकों के परिवार को फ्रंटलाइन वारियर्स का लाभ 50 लाख बीमा राशि और आश्रित को शासकीय नौकरी देने की मांग छ्ग शालेय शिक्षक संघ के समस्त प्रांतीय पदाधिकारी, जिलाअध्यक्ष गण, ब्लॉक अध्यक्ष गण, जिला ब्लॉक, व संकुल के समस्त पदाधिकारियों ने की है।

Posted By: Shashank.bajpai
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.