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Fathers Day 2021: पिता के लिखे ग्रंथ को मिला मृत्युपरांत गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड प्रमाणपत्र

Updated: | Sun, 20 Jun 2021 08:50 AM (IST)

रायपुर। Fathers Day 2021: साहित्य के क्षेत्र में राज्य शासन ने 10-11 साल पहले 2010 में राज्य स्तरीय अलंकरण से डॉ. शिव कुमार त्रिपाठी को विभूषित किया था। उन्होंने एक विशेष ग्रंथ गीतोपनिषद की रचना की थी, जिसमें श्रीमद्भगवदगीता में निहित 700 श्लोकों का मुख्य 11 उपनिषदों की 500 ऋचाओं से तुलनात्मक रिसर्च करते हुए सिद्ध किया गया था कि गीता, उपनिषदों का सार है। इस ग्रंथ को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।

कोरोना महामारी के चलते इसी साल डॉ. त्रिपाठी की मृत्यु हो गई। उनकी इच्छा थी कि वे यह पुरस्कार किसी गरिमामय समारोह में हासिल करते, लेकिन उनका यह सपना साकार न हो सका। अब उनकी मृत्यु के पश्चात गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की छत्तीसगढ़ की प्रतिनिधि सोनल राजेश शर्मा ने उनके स्वजनों को प्रमाण पत्र सौंपा।

फादर्स डे के एक दिन पहले डॉ. त्रिपाठी की धर्मपत्नी शकुंतला त्रिपाठी एवं बेटे-बेटियों पीयूष त्रिपाठी, राकेश त्रिपाठी, शुभ्रे त्रिपाठी, लक्ष्मी तिवारी, गीता शर्मा ने यह सम्मान हासिल किया। प्रेस क्लब में जब गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने यह सम्मान प्रदान किया, तब उनकी धर्मपत्नी एवं बेटे-बेटियों की आंखें छलक उठी। वे भावुक हो गए।

उनकी पत्नी शकुंतला त्रिपाठी ने कहा कि उनके पति के जीवित रहते ही गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होने की सूचना मिल गई थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते वे अकस्मात ही दुनिया से विदा हो गए। सार्वजनिक समारोह में सम्मान पाने की उनकी इच्छा अधूरी रह गई। उनका यह सम्मान हमारे लिए एक धरोहर है। डॉ. त्रिपाठी ने संपूर्ण छत्तीसगढ़ का नाम विश्वभर में रोशन किया है।

Posted By: Shashank.bajpai
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