गश्त प्वाइंट: पुलिस महकमे में जीवित हुए महाभारत के पात्र

Updated: | Tue, 07 Dec 2021 08:59 AM (IST)

रायपुर। अपराध और चाकूबाजी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने सख्ती की, तो अधीनस्थ कर्मियों के माथे पर बल पड़ गए। अफसरों का नाम लेकर उल्टा-सीधा बोलने पर कार्रवाई न हो जाए, इसलिए थाने में पदस्थ जवानों और अफसरों ने अफसरों के नाम का कोड बना लिया है। अफसरों के सामने भी कई बार इसका इस्तेमाल करके वे हंस भी लेते हैं।

अधीनस्थ पुलिसकर्मियों ने अफसरों के लिए जो कोड रखे हैं, वे महाभारत काल के पात्रों से मिलते-जुलते हैं। अफसरों को चिढ़ाने के लिए पुलिसकर्मियों ने डंकापति, बीरबल, गुलाबी थाना, संजय, हस्तिनापुर, धनीराम और सबसे अलग काकरोच शब्द का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला शब्द डंकापति और काकरोच है, जिनकी एक-एक हरकत पर सबकी नजर रहती है। बड़ी बात यह है कि यह कोड वर्ड केवल पुलिस महकमे से जुड़े लोगों का है, जो आसानी से समझ जाते हैं।

थानेदार ने दिया रोजगार

राजधानी के एक थाने में तैनात थानेदार की कार्यप्रणाली से करीब के एक नाई के पौ बारह हो गए हैं। थानेदार ने अपने इलाके के चोरों और अपराधियों को सबक सिखाने के लिए नया पैंतरा अपनाया है। उनके पास पुलिसकर्मी जब भी चोर, चाकूबाज या हिस्ट्रीशीटर को लेकर पहुंचते हैं, वे पास की नाई दुकान के संचालक को बुलाते हैं और उन्हें गंजा करवा देते हैं। इतना ही नहीं, वे गंजा होने के बाद उनकी फोटो भी खिंचवाकर अपने पास रखते हैं। उन्होंने एक डायलाग भी बना लिया है, यहां आना यानी गंजा होकर जाना। थानेदार के इस तरीके से अधीनस्थ कर्मी भी दंग हैं। खैर जो भी हो, इतना तो है कि इन थानेदार के पदस्थ होने के बाद से नाई दुकान का यह संचालक बहुत खुश है। थानेदार साहब भी इससे बहुत खुश हैं। जरा इशारा कर दें कि ये थानेदार साहब कुछ दिनों पहले ही प्रभार संभाले हैं।

मटरवीर को धोखा

महकमे में मटन खाने के लिए मशहूर एक अफसर को जूनियर अफसर ने ही धोखा दे दिया। बड़ी कार्रवाई करने के बाद इस मटनवीर अफसर ने एक जूनियर अफसर से मजाक-मजाक में बकरा पार्टी मांग ली। वरिष्ठ ने पहली बार कुछ मांगा था, सो जूनियर फौरन तैयार हो गया। बकरा पार्टी का दिन भी तय हो गया। लेकिन यह क्या, उस दिन सीनियर अफसर अपने कार्यालय में दिनभर मटन का इंतजार करता रहा।

इस चक्कर में उसने दोपहर का खाना भी छोड़ दिया। जूनियर से मिले धोखे के बाद सीनियर अफसर ने अब उसकी किसी भी प्रकार की मदद करने से मना कर दिया है। अब देखना यह है कि जूनियर अपने सीनियर को आखिर किस तरह से मनाने का प्रयास करेगा। इस काल्पनिक मटन पार्टी की पुलिस महकमे में इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। इससे पहले फिश्ा पार्टी की चर्चा भी काफी दिनों तक महकमे में रही।

महीना तो पूरा हो जाने दो

अरे भाई, एक महीना तो पूरा होने दो...। कभी भी तबादला हो सकता है। दरअसल, एक थानेदार का नए कप्तान के आने के बाद से चार बार तबादला हो चुका है। नए थाने में पहुंचते ही वहां के जूनियर अफसर ने कहा- साहब, थाने में लगी पटल पर आपका नाम लिखवा दूं? तो टीआइ साहब ने हंसते हुए कहा- भाई एक महीना तो कम से कम पूरा हो जाने दो। अब तक जहां भी गया हूं, नाम लिखाने के कुछ दिन बाद तबादला सूची आ जाती है। तबादले से याद आया कि अभी ढाई-ढाई साल पूरा करने वाले थाना प्रभारियों के माथे पर भी चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। सात से आठ थाना प्रभारी शहर से बाहर जा सकते हैं। अब सूची में नाम का पता लगाने वाले महकमे के खबर्चियों से हाल-चाल ले रहे हैं। वहीं खबर्ची भी टीआइ साहब का मजा लेने से पीछे नहीं हट रहे।

Posted By: Ravindra Thengdi