Handicapped in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में 21 श्रेणी के दिव्यांगों का बनेगा पूरा डाटा

Updated: | Sun, 01 Aug 2021 03:40 PM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Handicapped in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों के लिए 7 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार रिक्त पदों की पहचान कर उनमें शीघ्र भर्ती के लिए सामान्य प्रशासन विभाग से समन्वय करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी दिव्यांगजन तक पहुंचकर शत-प्रतिशत विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) बनाने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे उन तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। यह निर्देश समाज कल्याण मंत्री अनिला भेडि़या ने अपने आवास कार्यालय में शनिवार को दिव्यांगजन राज्य सलाहकार बोर्ड की वर्चुअल बैठक में दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत राज्य दिव्यांग नीति तैयार कर ली गयी है। जिसका प्रकाशन किया जाना है। मंत्री ने राज्य दिव्यांग नीति के शीघ्र प्रकाशन के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मंत्री अनीला भेंड़िया ने प्रदेश में 21 क्षेणी के दिव्यांगता वाले दिव्यांगजन के सर्वेक्षण का काम इस साल अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस 3 दिसम्बर तक पूरा करने कहा है। जिससे दिव्यांगों का डाटाबेस तैयार किया जा सके। विभाग द्वारा 1 अगस्त से 31 अगस्त तक स्वावलंबन मास का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान यूडीआईडी कार्ड बनाने में ऐसे जिले जिनकी प्रगति राज्य की औसत प्रगति से कम है, उन्हें पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयन कर स्वावलंबन मास में शत्-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए अभियान चलाया जाएगा। सभी चिन्हांकित दिव्यांगों तक पहुंचकर उनके यूडीआईडी कार्ड बनाए जाएंगे। इसके अलावा सभी संभागों में मानसिक रोगियों के लिए शीघ्र हाफ वे होम शुरू करने भी कहा।

बैठक में बताया गया कि सुगम्य भारत अभियान के तहत दिव्यांगों के लिए 23 बाधारहित भवन बनाने के लिए राशि प्राप्त हुई थी। इसमें से 20 भवन को बाधारहित बनाने का काम पूरा हो चुका है। द्वितीय चरण में भारत सरकार से 24 भवनों को बाधा रहित बनाने हेतु 19.88 करोड़ राज्य को प्राप्त हुआ है। उक्त राशि को छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को हस्तांतरित करते हुए समय-सीमा में काम करने के निर्देश दिये गए हैं। श्रभेड़िया ने कहा कि बोर्ड द्वारा भवनों को बाधारहित बनाने की प्रगति संतोषजनक नहीं होने के कारण उन्हें एक अवसर दिया जाएगा। बोर्ड द्वारा यदि फिर भी समय पर दिव्यांगों के लिए बाधारहित भवन नहीं बनाए जाते तो ऐसी स्थिति में एजेंसी बदलने पर विचार किया जाएगा। बैठक में विभागीय संचालक पी. दयानंद, उपसचिव राजेश तिवारी, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य, योजना आयोग, वित्त आयोग, सामान्य प्रशासन विभाग के सदस्य शामिल थे।

Posted By: Kadir Khan