Idol Immersion Journey: रायपुर के विसर्जन यात्रा में युवतियों ने धरा मां दुर्गा और काली का रूप

Updated: | Sun, 17 Oct 2021 04:56 PM (IST)

Idol Immersion Journey: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना महामारी का भय खत्म होने के बाद प्रशासन से विसर्जन यात्रा में डीजे, बाजा को अनुमति मिलते ही राजधानी में विसर्जन यात्रा की धूम मच गई। गुरुवार को नवमीं तिथि से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी चलता रहा।

शुक्रवार को दशहरा पर्व के कारण अनेक मोहल्लों में प्रतिमाएं विसर्जित नहीं की गई थी। उन मोहल्लों में तीसरे दिन धूमधड़ाका रहा। खास बात यह रही कि विसर्जन यात्रा में युवतियों ने साक्षात मां काली, मां दुर्गा का रूप धरा। सड़क पर राक्षसों का संहार करने का मंचन करते हुए यात्रा निकली तो देखने लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

कई मोहल्लों में मची धूम

नवमी तिथि से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। दशहरा पर्व पर रावण दहन का आयोजन होने से कई मोहल्ले की समितियों की प्रतिमाएं विसर्जित नहीं की गई थी। उन समिति वालों ने एकादशी तिथि पर प्रतिमाएं विसर्जित की। टिकरापारा इलाके से निकली यात्रा में राक्षस बन युवा और देवियों का रूप धरकर नृत्य करते चल रहीं युवतियाें ने समां बांध दिया।

युवतियों ने धारण की एक सरीखी वेशभूषा

इस बार विसर्जन यात्रा में युवतियों ने जोशोखरोस से भाग लिया। कई मोहल्लों की समितियों के नेतृत्व में सैकड़ों युवतियां एक जैसी पोशाक पहनकर बैंडबाजा, डीजे, ढोल, धमाल की धुन पर जमकर झूमीं। समता कालोनी, आमापारा, लाखेनगर, टिकरापारा, कालीबाड़ी, सुंदर नगर, महादेवघाट मार्ग पर विसर्जन यात्रा का उत्साह छलक पड़ा।

सिर पर जंवारा लेकर निकलीं महिलाएं

पंडरी, पुरानी बस्ती, गुढि़यारी आदि इलाकों में युवतियां, महिलाएं सिर पर कलश जंवारा धारण कर निकली। श्रद्धा का ऐसा माहौल रहा कि भक्तगण जंवारा यात्रा के आगे पानी का छिड़काव करके सड़क साफ करते हुए चलते रहे। पंडाल से लेकर तालाब तक दरी बिछाते युवा सहयोग कर रहे थे। जंवारा धारण करने वाली महिलाएं उस दरी से होकर गुजरीं।

Posted By: Kadir Khan