छत्‍तीसगढ़ में अभी 26 लाख टन और होनी है धान की खरीदी, पांच लाख किसान अब तक नहीं बेच पाए धान

छत्‍तीसगढ़ में पिछले साल पंजीयन कराने वाले करीब 95 प्रतिशत से अधिक किसानों ने धान बेचा था।

Updated: | Sun, 23 Jan 2022 11:05 AM (IST)

रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्‍तीसगढ़ में अभी करीब 26 लाख टन धान की खरीदी होनी बाकी है। वहीं, पंजीयन कराने वाले 24 लाख में से लगभग पांच लाख किसान अब तक धान नहीं बेच पाए हैं। पिछले साल पंजीयन कराने वाले करीब 95 प्रतिशत से अधिक किसानों ने धान बेचा था, इस लिहाज से भी अब करीब साढ़े तीन लाख से अधिक किसान धान बेचेंगे। वहीं, यदि 31 मई तक धान खरीदी होती तो लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं हो पाता। यही वजह है कि सरकार ने समय सीमा सात दिन बढ़ा दी है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की समीक्षा बैठक बैठक में खाद्य सचिव टोपेश्वर वर्मा ने धान खरीदी की अब तक की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में 21 जनवरी की स्थिति में 78.92 लाख टन धान की खरीदी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस साल धान बेचने के लिए 24 लाख पांच हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। धान का पंजीकृत रकबा 30 लाख 21 हजार हेक्टेयर है।

इस साल पंजीकृत किसानों की संख्या में दो लाख 52 हजार व रकबे में दो लाख 28 हजार हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो कि गत वर्ष की तुलना में क्रमश: 11.76 और 8.20 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 19 लाख किसान धान बेच चुके हैं। बैठक में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, एसीएस सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डा.कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सहकारिता सचिव हिमशिखर गुप्ता, नान के एमडी निरंजन दास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बारदाने के लिए किसानों को 88 करोड़ का भुगतान

खाद्य सचिव ने बताया कि धान खरीदी के लिए किसानों ने इस साल 71 हजार गठान बारदाना उपलब्ध कराया है। इसके लिए किसानों को 88.20 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि उपार्जित धान में से 41 लाख टन का उठाव किया जा चुका है।

पर्याप्त बारदान उपलब्ध

खाद्य सचिव ने बताया कि धान खरीदी के लिए राज्य में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है। राज्य में अब शेष अवधि में धान की खरीदी के लिए 1.30 लाख गठान बारदाने की आवश्यकता होगी, जबकि इसके लिए 1.52 गठान बारदाना उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इस साल उपार्जित धान के एवज में एफसीआई में लगभग छह लाख टन तथा नान में 4.63 लाख टन इस प्रकार कुल 10.57 लाख टन जमा कराया जा चुका है।

Posted By: Kadir Khan