छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की चाह छोड़ ग्रेजुएट युवक ने किया मिर्ची की खेती, छह माह में मिला चार लाख का मुनाफा

आम तौर पर पढ़ाई लिखाई करने के बाद युवाओं में सरकारी नौकरी की चाह होती है। कुछ ऐसा ही कुरसो लाल के मन में था

Updated: | Fri, 27 May 2022 08:29 PM (IST)

रायपुर। मिर्ची औरों के लिए तीखी होती होगी लेकिन मेरे लिये तो बहुत मीठी है। पिछले छह महीने में मिर्च बेचकर चार लाख रुपये कमाये हैं। मेरे खेत में पूरी सिंचाई नरवा से ही हो रही है। कोंडागांव जिले में बड़े कनेरा गांव के किसान कुरसो लाल अपने खेत की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं कि आप खुद देखिये मेरे खेत में मिर्च की लहलहाती हुई फ़सल।

कुरसो लाल के खेत के पास से ही मार्कण्डेय नाला गुजरता है, जिसमें नरवा योजना के तहत ब्रश वुड चेक डेम, लूज बोल्डर चेक डेम, गेबियन संरचना, परकोलेशन टैंक का निर्माण किया गया है। उन्‍होंने कहा कि खेत के बगल में ही नरवा है। जिसमें नरवा योजना के तहत कार्य किया गया है, इस वजह से साल भर पानी मिलता है। वहां से पंप के जरिये खेत तक पानी लाते हैं और ड्रिप इरिगेशन करते हैं।

बायोलाजी में ग्रेजुएट है युवक कुरसो लाल

आम तौर पर पढ़ाई लिखाई करने के बाद युवाओं में सरकारी नौकरी की चाह होती है। कुछ ऐसा ही कुरसो लाल के मन में भी था, पर नरवा योजना ने उनका मन और किस्मत दोनों को बदल दिया। कुरसो लाल ने बताया कि बीएससी बायोलाजी करने के बाद कुछ दिन नौकरी के लिए कोशिश की लेकिन फिर देखा कि खेत के बगल में ही नाला है और पड़ोसी भी अच्छी फसल ले रहे हैं तो क्यों नहीं सरकार की नरवा योजना के तहत लाभ उठाया जाए।

दो एकड़ खेत में ले रहे हैं फसल

कुरसो लाल अपने दो एकड़ खेत मे धान की फसल भी लेते हैं । पिछले साल धान बेचकर 65 हजार रुपये और बोनस भी मिला है। वे बताते हैं कि मुख्यमंत्री के वादे के अनुसार उनका 65 हजार का कर्जा भी माफ हुआ था ।

रासायनिक नहीं घर में ही बनाते हैं गोबर खाद

कुरसोलाल बताते हैं कि वे रासायनिक खाद का नहीं बल्कि घर में 16 गाय-भैंस हैं जिनके गोबर से वे ऑर्गेनिक खाद बनाते हैं और उसे ही खेत मे उपयोग करते हैं ।

Posted By: Pramod Sahu
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