Independence Day 2021 Special: आजादी की 1857 की लड़ाई से जुड़े रायपुर के पुलिस परेड मैदान का जानें इतिहास

Updated: | Tue, 03 Aug 2021 02:55 PM (IST)

रायपुर ( नईदुनिया प्रतिनिधि )। Independence Day 2021 Special: छत्तीसगढ़ की राजधानी मे स्थित ऐतिहासिक पुलिस परेड मैदान आजादी की लड़ाई के लिए विख्यात है। इसी मैदान में छत्तीसगढ़ में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की लड़ाई लड़ी गई। इतिहासकार डा. रमेंद्रनाथ मिश्र ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अंग्रेज 1854 में पहुंचे। पुलिस परेड ग्राउंड को अंग्रेजी सेना की छावनी बनाया गया था। सैकड़ों अंग्रेजी सेना घुड़सवार, गनमैन समेत अन्य सैनिकों के दल रहा करते थे। तब छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारियों ने 1857 में अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ बिंगुल फूंक दिया। इसी मैदान में 18 जनवरी 1858 को हनुमान सिंह अपने 17 साथियों के साथ अंग्रेजों से लोहा लेने के लिए प्लानिंग तैयार की। जैसे ही अंग्रेज अधिकारियों को देखते ही खूनी हुंकार भरी।

बताया जाता है कि इस बीच छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारी और अंग्रेज के बीच छह घंटे की लड़ाई लड़ी। अत: अंग्रेजों की संख्या अधिक होने के कारण एक-एक कर 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। रायपुर की जनता और सैनिकों की उपस्थिति में 22 जनवरी 1858 को सुबह जेल के सामने खुलेआम 17 लोगों को फांसी में लटका दिया। इसमें गौज खान, अब्दुल हयात, शिव नारायण, पन्नालाल मातादीन, ठाकुर सिंह, अकबर हुसैन, बल्ली दुबे, लल्ला सिंह, परमानंद, शोभा राम, हनुमान सिंह समेत अन्य लोगों को फांसी दी गई।

अंग्रेजों का शास्त्रागार भी रहा पुलिस परेड मैदान

इतिहासकार डा. रमेंद्रनाथ मिश्र बताते है कि जहां अभी पुलिस परेड मैदान में हेलीकाप्टर उतार रहे है। वहां अंग्रेजों का शास्त्रागार था। जहां अंग्रेज बड़ी संख्या में तलवार, गनमैन, घोड़ा आदि रखते थे।

Posted By: Kadir Khan